अमेरिका में डेमोक्रेट सांसदों ने बुधवार (3 दिसंबर 2025) को यौन अपराधी दोषी जेफरी एपस्टीन के आलीशान प्राइवेट आइलैंड की कुछ तस्वीरें और वीडियो जारी किए हैं। आरोप है कि एपस्टीन इसी आइलैंड पर कम उम्र की लड़कियों की तस्करी करता था और उन्हें ताकतवर लोगों के पास भेजता था।
इन तस्वीरों में आइलैंड का आलीशान विला (बंगला), बड़ा स्विमिंग पूल और समुद्री किनारे की हरियाली दिखती है। इन तस्वीरों से नई जानकारी तो कम मिली है, लेकिन इससे ट्रंप प्रशासन पर एपस्टीन से जुड़ी जाँच फाइलें जारी करने का दबाव बढ़ गया है। ट्रंप ने पहले महीनों तक इन फाइलों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन 19 नवंबर को उन्हें एक कानून पर दस्तखत करने पड़े, जिसके बाद अब जाँच सामग्री सार्वजनिक करनी होगी।
आइलैंड की चौंकाने वाली तस्वीरें
डेमोक्रेट्स द्वारा जारी की गई तस्वीरों में एपस्टीन के ‘लिटिल सेंट जेम्स’ आइलैंड की शान-शौकत साफ दिखती है। एक तस्वीर में एक ब्लैकबोर्ड भी दिखा है। इस पर धोखा, शक्ति, सत्य और राजनीतिक जैसे शब्द लिखे थे।
? BREAKING: Oversight Dems have received never-before-seen photos and videos of Jeffrey Epstein's private island that are a harrowing look behind Epstein’s closed doors.
— Oversight Dems (@OversightDems) December 3, 2025
See for yourself. We won’t stop fighting until we end this cover-up and deliver justice for the survivors. pic.twitter.com/qXmxFISZLS
बाकी कुछ चीजें छुपा दी गई हैं। X (पहले ट्विटर) पर एक और तस्वीर पोस्ट हुई है, जिसमें आइलैंड पर बने एक डेंटल क्लिनिक को दिखाया गया है। इस क्लिनिक में दीवारों पर कई पुरुषों के चेहरों के मास्क लगे हैं, जो काफी हैरान करने वाला है।
ट्रंप प्रशासन पर पारदर्शिता का दबाव
एपस्टीन एक अमीर फाइनेंसर था। उसका राष्ट्रपति ट्रंप समेत कई प्रभावशाली लोगों से करीबी संबंध थे। उसे 2008 में दो यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। तब उसने एक साल की सजा काटी थी, लेकिन जेल की शर्तें काफी आसान थीं। 2019 में नाबालिगों की यौन तस्करी के आरोप में उसे फिर गिरफ्तार किया गया। उसी साल वह न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या कर मर गया।
ट्रंप और उनके साथियों ने हमेशा इसे डेमोक्रेट्स का स्कैंडल बताया। हालाँकि, खुद ट्रंप की एपस्टीन से सालों पुरानी दोस्ती थी। जब ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बने, तो उन्होंने पहले इन फाइलों को जारी करने की माँग की। लेकिन बाद में उन्होंने इसे ‘झूठ’ (Hoax) बताकर जानकारी देने से मना कर दिया था। अब देखना होगा कि जाँच की कितनी फाइलें सार्वजनिक की जाती हैं, क्योंकि अधिकारी अभी भी कुछ चल रही जाँच का हवाला दे सकते हैं।

