शिमला अस्पताल में डॉक्टर-पेशेंट की मारपीट का वीडियो वायरल, गालियों के बीच जमकर हुई थी हाथापाई: जानें- क्या थी इस ‘युद्ध’ की वजह

शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में 22 दिसंबर 2025 को एक वार्ड में डॉक्टर और मरीज के बीच झड़प हो गई, जिसका छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरूला मरीज अर्जुन पँवार को मारते दिख रहे हैं, जबकि मरीज बेड पर लेटा खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। घटना के बाद अस्पताल में हंगामा हो गया और पुलिस को बुलाना पड़ा।

डॉक्टर राघव नरूला ने मंगलवार (23 दिसंबर 2025) को अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मरीज अर्जुन पंवार पुराने एक्स-रे और स्कैन रिपोर्ट्स दिखाने आया था। मरीज को देखकर लग रहा था कि पहले मिल चुका है, इसलिए उन्होंने कैजुअली कहा, “तू देखा देखा लग रहा है।”

नरूला के मुताबिक, मरीज को ‘तू’ कहना बुरा लगा और वह गुस्सा हो गया। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई गलत शब्द नहीं बोला, आवाज नहीं उठाई और बदतमीजी नहीं की, लेकिन मरीज और उसके साथ आए व्यक्ति ने गाली-गलौज शुरू कर दी।

मरीज अर्जुन पंवार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि साँस लेने में तकलीफ के कारण वे अस्पताल आए थे। हाल ही में ब्रोंकोस्कोपी हुई थी और ऑक्सीजन की जरूरत थी। उन्होंने डॉक्टर से सम्मान से बात करने को कहा, लेकिन डॉक्टर ने ‘तू’ कहकर जवाब दिया और बात बढ़ गई। पंवार का दावा है कि बहस के दौरान मामला हाथापाई तक पहुँच गया।

वायरल वीडियो पर डॉक्टर नरूला ने कहा कि यह क्लिप सिर्फ घटना का छोटा हिस्सा दिखाती है, उससे पहले और बाद में क्या हुआ, वह नहीं दिख रहा। IGMC की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने डॉक्टर का समर्थन किया। एसोसिएशन का कहना है कि मरीज ने डॉक्टर और उनके परिवार को गाली दी, मेडिकल डॉक्यूमेंट्स माँगने पर बदतमीजी की और पहले डॉक्टर को लात मारी। उन्होंने निष्पक्ष जाँच की माँग की। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि मरीज और उसके रिश्तेदारों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

घटना के बाद मरीज के रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य मरीजों ने अस्पताल में प्रदर्शन किया और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। तनाव बढ़ने पर पुलिस बुलाई गई। शिमला पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

शिमला के एसपी संजीव कुमार गाँधी ने कहा कि मामले की सभी पक्षों से जाँच की जा रही है, जिसमें मेडिकल रिकॉर्ड और वीडियो फुटेज शामिल हैं। जाँच के बाद कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।