सिंगापुर ने शनिवार (6 जून 2026) को तीन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, YouTube, Facebook और X के करीब 15 पोस्ट ब्लॉक करने का आदेश दिया है। इन पोस्ट्स का संबंध चीन से था, जिनमें भारतीय समुदाय को टारगेट किया गया था। इसमें सिंगापुर के ‘सांस्कृतिक विभिन्नता’ के मॉडल को कमजोर करने की कोशिश की गई थी। इसको देखते हुए सिंगापुर सरकार ने अहम कदम उठाया।
सिंगापुर के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पुलिस ने YouTube, Facebook और X पर पोस्ट तक एक्सेस ब्लॉक करने के लिए ऑनलाइन क्रिमिनल हार्म्स एक्ट (OCHA) के तहत डिसेबल करने के निर्देश जारी किए। इसमें कहा गया है कि सिंगापुर के यूजर्स तक ये पोस्ट न पहुँचे, इसके लिए प्लेटफॉर्म को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
सिंगापुर के गृह मंत्री एडविन टोंग ने शनिवार (6 जून 2026) एक कम्युनिटी इवेंट में रिपोर्टर्स को बताया, “अब तक हमें जो पता है, उसके हिसाब से यह कंटेंट विदेश से आया है”।
शनिवार को चैनल न्यूज एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन पोस्ट्स में आपत्तिजनक कंटेंट की जाँच से पता चला है कि यह शायद चीन के किसी प्लेटफॉर्म से आया है और बाद में इसे दूसरे प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों ने शेयर किया।
चैनल ने टोंग के हवाले से कहा, “ये वीडियो हमारे अलग-अलग नस्लों वाले समाज पर हमला करते हैं और वे लोगों को नस्ल के आधार पर बांटने की कोशिश करते हैं। हालाँकि, हम ऐसे नहीं हैं। सिंगापुर में हर कम्युनिटी की वैल्यू है और सभी की बराबर जगह है।”
टोंग गृहमंत्री के साथ-साथ सिंगापुर के कानून मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि ये वीडियो उस बुनियाद पर हमला है, जो सिंगापुर को हम सभी का घर बनाती है और ये हमारे समाज की बुनियाद को कमजोर करने की कोशिश है। सरकार ऐसी किसी भी काम को बर्दाश्त नहीं करेगी, जो सिंगापुर के नस्लीय मेलजोल को कमज़ोर करने की कोशिश करती हो, ‘खासकर तब जब इसे विदेशियों द्वारा फैलाया जाता है’। यह एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश है, जिसका हर हाल में विरोध होना चाहिए
सिंगापुर के गृहमंत्री ने साफ किया कि अभी इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह किसी सरकार द्वारा चलाया गया कोई कैंपेन है या नही। उन्होंने आगे कहा कि जाँच से पता चला है कि यह कंटेंट शायद अलग-अलग विदेशी नेटिज़न्स ने अपने-अपने तरह से बनाया और फैलाया है।
चैनल ने मंत्री के हवाले से कहा है कोई भी देश जो अपने सामाजिक मेलजोल को सुरक्षित रखना चाहता है, वह हमसे सहमत होगा कि ऐसा कंटेंट अस्वीकार्य है, और अपने समाज को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा ही रुख अपनाएगा।” सोशल मीडिया पोस्ट में वैसे भी वीडियो शामिल हैं, जिसमें अलग-अलग दावे किए गए हैं कि सिंगापुर अपनी कल्चरल पहचान और एथनिक पॉलिटिक्स को लेकर चिंता दिखा रहा है। MHA ने कहा कि ऐसी बातें मई में चीनी इन्फॉर्मेशन स्पेस में ऑनलाइन सर्कुलेट होने लगीं।
मंत्रालय के मुताबिक, इसके तुरंत बाद ऑनलाइन कंटेंट सामने आया, जिसमें सिंगापुर की कल्चरल डाइवर्सिटी के बारे में भड़काऊ बातें कही गई थी और यह बताया गया कि सिंगापुर में भारतीयों की तादाद बढ़ती जा रही है।
मिनिस्ट्री ने कहा कि यह कंटेंट पीनल कोड के सेक्शन 298A का उल्लंघन करता है, जिसमें जानबूझकर नस्ल के आधार पर अलग-अलग ग्रुप्स के बीच दुश्मनी, नफरत को बढ़ावा देता है।
इस जुर्म के लिए तीन साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। इसमें आगे कहा गया है कि सिंगापुर सरकार देश के सामाजिक मेलजोल और नस्लीय सौहार्द के लिए बाहरी लोगों से होने वाले खतरों को गंभीरता से लेती है और उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी।
गृहमंत्री टोंग ने कहा कि इससे भी जरूरी बात यह है कि मुझे लगता है कि सिंगापुर के लोगों को भी ऑनलाइन जो कुछ भी देख रहे हैं, उसको लेकर समझदारी और सावधानी बरतनी चाहिए, और ऐसे वीडियो के सोर्स और उनकी मंशा पर सवाल जरूर उठाना चाहिए। साथ ही उसे फैलाना नहीं चाहिए, यह देशहित में है।

