घर के पुरुषों के बाँधे हाथ-पाँव, नाबालिग बेटी और माँ का गैंगरेप किया: बुलंदशहर सामूहिक दुष्कर्म केस में 9 साल बाद इंसाफ, जुबैर-साजिद-नरेश समेत 5 दोषी करार

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित नेशनल हाईवे-91 पर 28 जुलाई 2016 की रात हुए जघन्य गैंगरेप और लूटकांड में इंसाफ होने वाला है। विशेष पॉक्सो कोर्ट, बुलंदशहर के जज ओपी वर्मा ने इस सनसनीखेज मामले में पाँच आरोपितों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सजा की सुनवाई के लिए सोमवार (22 दिसंबर 2025) की तारीख तय की है। फैसले के बाद सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

हाईवे पर बनाया बंधक, पिता और भाई के सामने  माँ-बेटी से सामूहिक दुष्कर्म

यह दिल दहला देने वाली घटना 28 जुलाई 2016 की रात की है, जब नोएडा निवासी एक परिवार के छह सदस्य शाहजहांपुर में तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के लिए कार से जा रहे थे। देहात कोतवाली क्षेत्र के दोस्तपुर फ्लाईओवर के पास अज्ञात बदमाशों ने लोहे की वस्तु फेंककर उनकी कार रुकवा ली।

इसके बाद आरोपितों ने किशोरी, उसके माता-पिता, ताऊ-ताई और भाई को बंधक बनाकर सड़क के दूसरी ओर खेत में ले गए। वहाँ तीनों पुरुषों के हाथ-पैर बाँध दिए गए और 14 वर्षीय किशोरी व उसकी माँ के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इसके बाद आरोपित परिवार से लूटपाट कर फरार हो गए।

पुलिस लापरवाही के बाद सीबीआई जाँच, गिरोह का हुआ खुलासा

मामले में स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई थी, जिसके चलते तत्कालीन एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मियों पर शासन स्तर से कार्रवाई की गई। शुरुआती जाँच में पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया, वे बाद में निर्दोष पाए गए। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर मामले की जाँच सीबीआई को सौंपी गई।

सीबीआई जाँच में बावरिया गिरोह के कई सदस्यों की संलिप्तता सामने आई। जाँच के दौरान जुबैर उर्फ सुनील उर्फ परवेज, सलीम उर्फ बीना उर्फ दीवानजी, साजिद, रहीसुद्दीन, जावेद उर्फ शावेज और जबर सिंह के नाम सामने आए। साक्ष्यों के आधार पर अलग-अलग चरणों में चार्जशीट दाखिल की गई। शिनाख्त परेड में पीड़िता ने धर्मवीर उर्फ राका, नरेश उर्फ संदीप और सुनील उर्फ सागर समेत अन्य आरोपितों की पहचान की।

एक की जेल में मौत, दो एनकाउंटर में ढेर

इस मामले में कुल छह आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी, लेकिन आरोपित सलीम की करीब चार साल पहले जिला कारागार बुलंदशहर में बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वहीं दो अन्य आरोपित अजय उर्फ असलम और बंटी उर्फ गंजा अलग-अलग मामलों में हरियाणा पुलिस और एसटीएम नोएडा के एनकाउंटर में मारे गए।

अब कोर्ट ने सभी गवाहों और साक्ष्यों के गहन अवलोकन के बाद शेष पाँच आरोपितों जुबैर, साजिद, धर्मवीर, नरेश और सुनील को दोषी करार दिया है। नौ साल बाद आए इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सोमवार (22 दिसंबर 2025) को कोर्ट इन सभी दोषियों को सजा सुनाएगी।