साहित्य अकादमी ने उस विवादित कवि श्रीजातो बंद्योपाध्याय को बनाया मेहमान, जिसने लिखी थी हिंदू-विरोधी ‘कंडोम ऑन त्रिशूल’ वाली कविता: लोग भड़के तो कार्यक्रम किया रद्द

साहित्य अकादमी (संस्कृति मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था) ने हिंदुओं की भावनाओं की पूरी तरह अनदेखी करते हुए विवादित बंगाली कवि श्रीजातो बंद्योपाध्याय को एक कार्यक्रम में मेहमान के तौर पर बुलाया। बंद्योपाध्याय ने अपनी हिंदू-विरोधी कविता में त्रिशूल पर कंडोम लगाने की बात लिखी थी।

श्रीजातो बंद्योपाध्याय का नाम कोलकाता, पश्चिम बंगाल में 25 अक्टूबर को होने वाले ‘अभिव्यक्ति’ नाम के कार्यक्रम के ब्रोशर में मेहमानों की लिस्ट में था। खास बात ये कि लिस्ट में सिर्फ बंद्योपाध्याय ही हिंदू-विरोधी नहीं थे; कवि और टीएमसी नेता सुबोध सरकार का नाम भी था। सुबोध सरकार ने 2015 में ‘देश में बढ़ती असहिष्णुता’ के खिलाफ बीफ पार्टी आयोजित की थी।

लेकिन लोगों के भारी विरोध के बाद साहित्य अकादमी ने कार्यक्रम रद्द कर दिया। लोगों ने संस्था पर सवाल उठाए कि वो ऐसे लोगों को बुला रही है जो खुलेआम हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाते हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने साहित्य अकादमी को कोसा कि वो हिंदू-विरोध को बढ़ावा दे रही है।

लोगों ने निराशा जताई कि साहित्य अकादमी बार-बार हिंदुओं की भावनाओं को चोट पहुँचाती है, सिर्फ हिंदू धर्म को निशाना बनाने वालों को मंच देती है।

ये पहली बार नहीं है जब साहित्य अकादमी हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने के विवाद में फँसी हो। पिछले साल नवंबर में संस्था ने देवदत्त पट्टनायक को ‘भारतीय पौराणिक कथाएँ: स्मृति, पुनर्कथन और अनुवाद’ सेमिनार के उद्घाटन भाषण के लिए बुलाया था। लोगों के गुस्से के बाद वो कार्यक्रम भी रद्द हो गया था, क्योंकि पट्टनायक ने कई ट्वीट्स में महिलाओं को अपमानजनक और अमानवीय भाषा से गाली दी थी।

कौन है श्रीजातो बंद्योपाध्याय?

श्रीजातो बंद्योपाध्याय एक बंगाली कवि है, जिन्होंने मशहूर कविता ‘अभिशाप’ लिखी। इसमें उन्होंने त्रिशूल (भगवान शिव का दिव्य हथियार) पर कंडोम लगाने की लाइन लिखी। उन्होंने ये कविता मार्च 2017 में अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट की थी, उसी दिन जब योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे।

कविता की अपमानजनक लाइनों का अनुवाद कुछ ऐसा है: “जब तक कब्रों से महिलाओं को खोदकर बलात्कार किया जाता रहेगा, त्रिशूलों पर कंडोम चढ़ाए जाने चाहिए।” सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में बंद्योपाध्याय के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। कविता में सीएम योगी आदित्यनाथ को बीमारी से भी तुलना की गई थी।