SC का फैसला, ‘बाबरी’ नाम से मस्जिद बनाने पर नहीं लगेगी रोक: PIL खारिज, आक्रमणकारी वाली दलील भी नहीं मानी

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को सुनवाई के दौरान बड़ा फैसला सुनाया गया। इस याचिका में देशभर में ‘बाबरी’ के नाम पर किसी भी मस्जिद के निर्माण या नामकरण पर रोक लगाने की माँग की गई थी। कोर्ट ने इस माँग को खारिज कर दिया है।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि बाबर एक आक्रमणकारी था और उसके नाम पर किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं होना चाहिए। यह भी कहा गया कि बाबर ने हिंदुओं के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था, इसलिए उसके नाम से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और याचिका को खारिज कर दिया। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब पश्चिम बंगाल में TMC के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में 6 दिसंबर 2025 को बाबरी नाम की मस्जिद के निर्माण का शिलान्यास करने की घोषणा की थी।

उसी दिन प्रतीकात्मक रूप से नींव भी रखी गई थी और 11 फरवरी से निर्माण कार्य शुरू होने की बात सामने आई थी।