गैस के लिए अन्य देशों से बात, सही सूचना का प्रसार और जमाखोरों पर एक्शन: जानिए दूसरी CCS बैठक में और किन बिंदुओं पर हुई चर्चा, PM मोदी ने क्या दिए निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुधवार (01 मार्च 2026) देर शाम तक चली कैबिनट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के प्रभाव को लेकर चर्चा की गई। मिडिल ईस्ट की स्थिति को देखते हुए पिछले 10 दिनों में बुलाई गई यह दूसरी बैठक थी, जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आम लोगों पर इस वैश्विक संकट के प्रभाव को कम करना और आवश्यक चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। बैठक में केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय और तेजी से सूचना साझा करने पर जोर दिया गया। सरकार का प्रयास है कि लोगों तक सही और सटीक जानकारी पहुँचे, ताकि किसी तरह की अफवाह या गलत सूचना न फैले। इसके लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने सप्ष्ट निर्देश दिए कि इस वैश्विक संकट का असर आम नागरिकों पर कम से कम पड़े, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएँ।

अलग-अलग देशों से गैस आयात कर रहा भारत

बैठक में कैबिनेट सचिव ने विस्तार से जानकारी दी कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। खासतौर पर LPG और LNG की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सरकार ने LPG के आयात के लिए नए देशों से सप्लाई शुरू की है, ताकि किसी एक स्रोत पर निर्भरता कम हो सके।

इसी तरह LNG भी अलग-अलग देशों से मंगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही, गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया है, ताकि लोगों को आसानी से गैस उपलब्ध हो सके। इसके अलावा, गैस आधारित बिजली संयंत्रों (करीब 7-8 गीगावाट क्षमता) को गैस पूलिंग व्यवस्था से छूट दी गई है। थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कोयला ढुलाई (रैक) भी बढ़ाई गई है। इन सभी कदमों का उद्देश्य गर्मियों के दौरान बिजली की कमी न होने देना है।

नैचुरल गैस की आपूर्ति का भी रखा जा रहा खयाल

बैठक में कृषि, नागरिक उड्डयन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे अन्य क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। सरकार ने खाद की सप्लाई को बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। देश में यूरिया का उत्पादन लगातार जारी रखा जा रहा है, ताकि किसानों की जरूरत पूरी हो सके।

इसके अलावा DAP और NPK जैसे उर्वरकों के लिए विदेशों से सप्लाई सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे जमाखोरी, कालाबाजारी और खाद की गलत तरीके से बिक्री को रोकने के लिए रोजाना निगरानी करें और सख्त कार्रवाई करें।

प्रधानमंत्री ने खासतौर पर खरीफ और रबी फसलों के लिए खाद की उपलब्धता पर चर्चा की और कहा कि इसकी आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।

खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर सरकार सतर्क

खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर भी सरकार सतर्क है। पिछले एक महीने में खाने-पीने की चीजों के दाम स्थिर बने हुए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर लगातार कीमतों पर नजर रख रहे हैं।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, सब्जियों, फलों और अन्य कृषि उत्पादों की कीमतों की भी नियमित निगरानी की जा रही है।