स्टालिन सरकार की हिंदू घृणा का एक और नमूना: बॉर्डर पर रोक दी केरल कुंभ मेला की रथयात्रा, कार से ले जाई गई भगवान ‘महामेरु’ की मूर्ति

तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को केरल कुंभ मेला-महामघ महोत्सवाम से जुड़ी ‘रथयात्रा’ को अपने राज्य में निकालने की इजाजत देने से मना कर दिया। यह रथयात्रा उदुमलपेट के पास थिरुमूर्ति पहाड़ियों से शुरू होने वाली थी, जो भरतपुझा नदी का उद्गम स्थल (निकलने की जगह) है।

ऑन मनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, आयोजकों ने बताया कि उदुमलपेट पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कहा कि चेन्नई में बैठे बड़े सरकारी अधिकारियों ने इसकी अनुमति देने से इनकार किया है। इसके बाद, रथयात्रा की ‘महामेरु’ मूर्ति को कार में रखकर केरल बॉर्डर तक ले जाया गया, जहाँ से अब यह यात्रा पलक्कड़ के रास्ते आगे बढ़ेगी।

क्यों खास है यह रथयात्रा?

यह रथयात्रा केरल के थिरुनावाया में भरतपुझा नदी के किनारे होने वाले ‘महामघ महोत्सवाम’ का एक मुख्य हिस्सा है। आयोजकों का कहना था कि यह यात्रा तमिलनाडु और केरल के बीच के पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों को जोड़ने के लिए निकाली जा रही थी।

इसमें तमिलनाडु के कई बड़े आश्रमों और धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों को भी शामिल होना था। यह यात्रा 21 जनवरी 2026 को थिरुनावाया में जाकर खत्म होगी, जहाँ कुंभ मेले के मुख्य अनुष्ठान होने हैं।

केरल में कुंभ मेले का आगाज

भले ही तमिलनाडु में यात्रा को लेकर स्टालिन सरकार ने अड़चन लगाई हो, लेकिन केरल में ‘महामघ महोत्सवाम 2026’ की शुरुआत बड़े धूमधाम से हो गई है। सोमवार (19 जनवरी 2026) को केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने महोत्सव का ध्वजारोहण कर इसका उद्घाटन किया।

इससे पहले सुबह-सुबह नवमुकुंद मंदिर के घाट पर ‘महामंडलेश्वर स्वामी आनंदवनम भारती महाराज’ की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने पहली पवित्र डुबकी लगाई। इस दौरान चारों तरफ वैदिक मंत्रों और भजनों की गूँज सुनाई दी।

अगले बड़े कार्यक्रम

कुंभ मेला उत्सव अब अपने पूरे रंग में है। मंगलवार (20 जनवरी 2026) से यहाँ ‘नीला आरती’ (नदी की आरती) का खास कार्यक्रम शुरू होने वाला है, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।

रथयात्रा का नेतृत्व कर रहे आचार्य डॉ श्रीनाथ कार्याट ने कहा है कि भले ही तमिलनाडु में प्रशासन ने साथ नहीं दिया, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान और यात्रा अपने तय समय पर केरल में पूरी की जाएगी।