उत्तर प्रदेश के बहराइच में सोमवार (19 जनवरी 2026) को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर के सामने अवैध रूप से बनी 10 मजारों को बुलडोजर से ढहा दिया। दरअसल, ये मजारें मेडिकल कॉलेज की जमीन पर अतिक्रमण करके बनाई गई थीं, जिससे छात्रों की पढ़ाई और अधिकारियों के काम में काफी दिक्कत आ रही थी।
मजार कमेटी 2002 से चले आ रहे अदालती आदेशों के बावजूद जमीन खाली नहीं कर रही थी, जिसके बाद सोमवार (19 जनवरी 2026) को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
#WATCH बहराइच (उत्तर प्रदेश): मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस की उपस्थिति में अवैध मजारों को हटाया गया। pic.twitter.com/yBxSRIHj70
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 19, 2026
दो मजारों की आड़ में बना ली थीं 10 नई मजारें
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी आवास के पास स्थित इस जगह पर पहले सिर्फ दो पुरानी मजारें थीं, जो वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं। लेकिन समय के साथ मजार की देखरेख करने वालों ने धीरे-धीरे वहाँ 10 और छोटी मजारें खड़ी कर दीं।
#WATCH बहराइच: सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया, "2002 से आदेश होने के बाद भी मजारें नहीं हटाई जा रही थी। इन लोगों ने धीरे धीरे विस्तार करके 10-12 मजारें अवैध तौर पर बना ली थी। आज यहां पुलिस और प्रशासन की उपस्थिति में अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।" https://t.co/CLdsUN72y8 pic.twitter.com/lFEmaBrk8E
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इन मजारों की वजह से परिसर में भीड़ जुटने लगी थी, जिससे मेडिकल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। कॉलेज के प्राचार्य ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की थी, जिसके बाद प्रशासन ने दस्तावेजों की जाँच की।
24 साल लंबी कानूनी लड़ाई का हुआ अंत
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इन मजारों को हटाने का पहला आदेश साल 2002 में ही आ गया था। मजार कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ कमिश्नर और अन्य अदालतों में अपील की, लेकिन उन्हें कहीं से राहत नहीं मिली।
साल 2019 में कमिश्नर ने भी इन मजारों को अवैध माना था। साल 2023 में जब यहाँ मेडिकल कॉलेज बना, तो ये मजारें कॉलेज परिसर के अंदर आ गईं। 10 जनवरी 2026 को अंतिम नोटिस देने के बाद भी जब कब्जा नहीं हटा, तो प्रशासन ने बुलडोजर चलाने का फैसला किया।
भारी फोर्स के बीच शांतिपूर्वक हुई कार्रवाई
ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था। तीन थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवानों के साथ नगर मजिस्ट्रेट और नगर पालिका के अधिकारी मौके पर डटे रहे।
कॉलेज के पास बनी इन मजारों के अलावा, मिहींपुरवा रेलवे स्टेशन की जमीन पर अवैध रूप से चल रही दो दुकानों को भी जेसीबी से गिरा दिया गया। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

