MP के विदिशा में 1000 साल पुराने मंदिर पर हमला, भगवान विष्णु की मूर्तियाँ खंडित: गुस्से में ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक बेहद दुखद और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। यहाँ सिरोंज तहसील के गोपालनगर गाँव में स्थित करीब एक हजार साल पुराने ऐतिहासिक भगवान विष्णु मंदिर में कुछ अज्ञात बदमाशों ने तोड़फोड़ की है। उपद्रवियों ने मंदिर के गर्भगृह में घुसकर भगवान विष्णु की प्राचीन और नई, दोनों ही मूर्तियों को खंडित कर दिया। पुरातत्व विभाग के संरक्षण वाले इस मंदिर में हुई इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और हिंदू संगठनों ने दोषियों की गिरफ्तारी के लिए मोर्चा खोल दिया है।

ताले तोड़कर गर्भगृह में घुसे बदमाश

जानकारी के अनुसार, घटना 8 और 9 फरवरी की दरम्यानी रात की है। रविवार शाम की आरती के बाद मुख्य पुजारी मंदिर के गर्भगृह और मुख्य द्वार पर ताला लगाकर गए थे। सोमवार सुबह जब पुजारी के छोटे भाई मोनू शर्मा मंदिर पहुँचे, तो उनके होश उड़ गए। मंदिर के मुख्य गेट और दोनों गर्भगृहों के ताले टूटे हुए थे। अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था और भगवान की मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त थीं।

मूर्तियों के साथ की गई बर्बरता

बदमाशों ने मंदिर के भीतर न केवल तोड़फोड़ की, बल्कि धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई। उन्होंने प्राचीन पत्थर की मूर्ति और नई मूर्ति, दोनों के ही पैरों को खंडित कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि नई मूर्ति के कटे हुए पैर दूसरे गर्भगृह में रखे मिले। इसके अलावा, भगवान के कपड़ों वाली अलमारी का सामान फर्श पर बिखरा था। आशंका जताई जा रही है कि बदमाश चोरी के इरादे से आए थे, लेकिन मंदिर में गहने या दानपेटी न होने के कारण उन्होंने गुस्से में मूर्तियों को नुकसान पहुँचाया।

सड़कों पर उतरा गुस्सा और 48 घंटे का अल्टीमेटम

जैसे ही यह खबर फैली, सैकड़ों ग्रामीण और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता मौके पर जमा हो गए। गुस्से में लोगों ने ‘गोपालनगर-दीकाखेड़ा’ सड़क को जाम कर दिया और नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुरातत्व विभाग की सुरक्षा में होने के बावजूद प्रशासन ने इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा में लापरवाही बरती। लोगों ने पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन होगा।

पुलिस और डॉग स्क्वाड की जाँच शुरू

हालात को बिगड़ते देख सिरोंज के एसडीएम (SDM) हरिशंकर विश्वकर्मा और एसडीओपी (SDOP) सोनू डाबर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला। जाँच के लिए विदिशा से डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई गई है। पुलिस का कहना है कि वे हर एंगल से मामले की जाँच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपितों को दबोच लिया जाएगा।