ट्रेड यूनियनों की वजह से कई उद्योग हुए बंद: SC, कहा- ‘लोग काम पर रखना बंद कर देंगे’

घरेलू काम करने वालों को लेकर न्यूनतम वेतन तय करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी और ट्रेड यूनियनों को जमकर लताड़ा। सीजेआई ने कहा कि देश में औद्योगिक विकास रुकने और परंपरागत उद्योगों के खत्म होने के पीछे काफी हद तक ट्रेड यूनियन हैं। इनकी वजह से कई उद्योग बंद हुए और लोग बेरोजगार हुए।

सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने साफ कहा कि अगर घरेलू कामगारों के लिए नियम सख्त किए गए, तो हर घर में झगड़े होंगे। मुकदमेबाजी होगी और लोग काम पर रखना बंद कर देंगे। उन्होंने कहा, यदि न्यूनतम वेतन फिक्स कर दिया गया, तो ड‍िमांड और सप्‍लाई का पूरा गण‍ित बिगड़ जाएगा।

लोग घर में काम करने के ल‍िए नौकर रखना बंद कर देंगे, ज‍िससे इन गरीब कामगारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा।

सीजेआई ने कहा कि ट्रेड यूनियन के नेता देश में औद्योगिक विकास रोकने के लिए बहुत हद तक जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि शोषण होता है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए जागरूक बनना जरूरी है, ताकि लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ सकें।