अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बारूदी सुरंग (माइन) बिछाने की कोशिश करने वाली किसी भी नाव को तुरंत मार गिराया जाए।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और इस अहम समुद्री रास्ते पर नियंत्रण को लेकर टकराव जारी है। यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहाँ की स्थिति का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
नौसेना को देखते ही मारो का आदेश, माइन हटाने का काम तेज
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि माइन बिछाने वाली किसी भी छोटी या बड़ी नाव के खिलाफ कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि दुश्मन के 159 जहाज पहले ही समुद्र में डूब चुके हैं।
"I have ordered the United States Navy to shoot and kill any boat, small boats though they may be (Their naval ships are ALL, 159 of them, at the bottom of the sea!), that is putting mines in the waters of the Strait of Hormuz. There is to be no hesitation." – President Donald J.… pic.twitter.com/zRS9PEfUBW
— The White House (@WhiteHouse) April 23, 2026
साथ ही उन्होंने बताया कि अमेरिकी माइन-स्वीपर जहाज इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन साफ कर रहे हैं और अब इस काम को तीन गुना तेजी से किया जाएगा। अमेरिकी सेना पहले ही इस इलाके में सक्रिय है और कई जहाजों को वापस लौटने या बंदरगाह जाने के लिए कहा गया है, जिससे वहाँ तनाव और बढ़ गया है।
यह इलाका दुनिया के करीब 20% तेल और गैस सप्लाई के लिए अहम माना जाता है, लेकिन मौजूदा हालात के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही पहले से कम हो गई है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।
माइन हटाने में लग सकते हैं 6 महीने, बढ़ी वैश्विक चिंता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन ने अमेरिकी संसद को बताया है कि अगर ईरान ने समुद्र में माइन बिछाए हैं, तो उन्हें पूरी तरह साफ करने में 6 महीने तक लग सकते हैं। बताया जा रहा है कि ईरान ने करीब 20 या उससे ज्यादा माइन लगाए हो सकते हैं, जिनमें से कुछ GPS तकनीक से संचालित हैं, जिससे उन्हें ढूँढना और भी मुश्किल हो जाता है।
हालाँकि पेंटागन ने कुछ रिपोर्ट्स को गलत बताते हुए कहा है कि हालात इतने लंबे समय तक खराब नहीं रहेंगे। इसके बावजूद अमेरिकी नेताओं में चिंता है कि अगर होर्मुज लंबे समय तक बंद रहा, तो दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
इस बीच, ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह तभी इस रास्ते को पूरी तरह खोलेगा जब अमेरिका उसकी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाएगा। वहीं ट्रंप का कहना है कि ईरान को पहले परमाणु कार्यक्रम छोड़ना होगा और जलमार्ग पूरी तरह खोलना होगा, तभी शांति की बात आगे बढ़ेगी।

