‘राजस्थान में शैतान का राज है, यहाँ यीशू राज होगा’: हिंदुओं को भड़का रहे मिशनरियों पर कोटा पुलिस का ऐक्शन, धर्मांतरण-विरोधी कानून के तहत राज्य का पहला केस दर्ज

राजस्थान में लागू किए गए नए ‘राजस्थान अवैध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2025’ के तहत कोटा जिले में पहला मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने गुरुवार (20 नवंबर 2025) को दो ईसाई मिशनरियों से चाँदी वर्गीज और अरुण जॉन के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि दोनों ने 4 से 6 नवंबर 2025 के बीच कनाल रोड स्थित बीर्शेबा चर्च में आयोजित तीन दिवसीय सभा में लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया।

शिकायत कुछ हिंदू संगठनों के स्वयंसेवकों द्वारा बोरेकहेड़ा थाने में वीडियो क्लिप और सोशल मीडिया लाइवस्ट्रीम के आधार पर दी गई। पुलिस ने प्रारंभिक जाँच के बाद दोनों पर BNS की धारा 299 तथा नए धर्मांतरण-विरोधी कानून की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया है। लाइवस्ट्रीम में मिशनरी ने कहा कि भजनलाल सरकार को ‘शैतान का राज’ बताया और कहा कि यहाँ यीशु ईसाई का राज होगा।

FIR में कहा गया कि कार्यक्रम को आध्यात्मिक प्रवचन बताकर लोगों को बुलाया गया लेकिन सभा के दौरान हिंदुओं और राज्य सरकार पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस वीडियो, स्क्रीनशॉट और आयोजन से जुड़े लोगों के बयान जुटा रही है। उन्होंने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पूछताछ सावधानीपूर्वक की जाएगी।

बता दें कि ‘राजस्थान अवैध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2025 को 09 अक्टूबर 2025 को लागू किया गया था।