हत्या आरोपित मनीष यादव को सपा विधायक लकी यादव का संरक्षण, पीड़ित परिवार कर रहा एनकाउंटर की माँग: जौनपुर में विशाल यादव की हत्या के बाद सियासी बवाल

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में विशाल यादव की दिनदहाड़े हत्या के बाद मामला गरमा गया है। रामदयालगंज बाजार में युवक की पीट-पीटकर हत्या के बाद मृतक के परिजन सड़क पर उतर आए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मल्हनी विधायक लकी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि हत्या आरोपित मनीष यादव को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है और विधायक उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। परिजनों ने यहाँ तक आरोप लगाया कि विधायक ने अपने आस-पास गुंडे पाल रखे हैं।

घटना 11 सितंबर 2026 की है। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के रामदयालगंज बाजार में विशाल यादव अपने दोस्त के साथ गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और विशाल पर लाठी-डंडों तथा लोहे की सरिया से हमला कर दिया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

परिवार ने लकी यादव पर लगाए गंभीर आरोप

मामले ने उस वक्त राजनीतिक रंग ले लिया, जब मृतक के परिजनों ने मल्हनी से सपा विधायक लकी यादव का नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि मनीष यादव को विधायक का संरक्षण हासिल है और हत्या के बाद उसे बचाने की कोशिश की जा रही है।

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मृतक के परिजन विधायक के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि मनीष यादव को राजनीतिक संरक्षण की वजह से ही इतनी ताकत मिली हुई है।

लकी यादव जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। ऐसे में मृतक के परिवार की ओर से विधायक का नाम लिए जाने के बाद हत्याकांड ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।

शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन, एनकाउंटर की मांग

विशाल की हत्या के बाद परिजन और ग्रामीण काफी देर तक सड़क पर डटे रहे। शव को सड़क पर रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की माँग की गई। इससे जौनपुर-मड़ियाहूं मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा और सड़क पर वाहनों की कतारें लग गईं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुँची। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल पर पहुँच कर स्थिति संभाली। पुलिस और प्रशासन की ओर से परिवार को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया गया। परिवार की माँग सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं थी। प्रदर्शन के दौरान आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर की माँग भी उठी।

दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश

पुलिस ने इस मामले में मनीष यादव और नीरज यादव को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की जाँच की जा रही है और फरार बताए जा रहे आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक अभी तक की जाँच में पुरानी रंजिश हत्या की प्रमुख वजह के तौर पर सामने आई है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की शुरुआत कैसे हुई, हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे और हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। परिवार लगातार राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगा रहा है।

जौनपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार नीरज यादव और मनीष यादव

पोस्टमार्टम के दौरान भी हुआ विवाद

हत्या के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान भी परिजनों और पुलिस के बीच कहासुनी की स्थिति बनी। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों ने विरोध किया और कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा। पुलिस ने मौके पर स्थिति संभाली।

पूरे घटनाक्रम में परिवार लगातार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करता रहा। उनका कहना है कि विशाल की हत्या करने वालों को किसी भी हालत में बचने नहीं दिया जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस के हाथ दो आरोपी लग चुके हैं।

दूसरी तरफ, परिवार की ओर से सपा विधायक लकी यादव पर लगाए गए आरोपों ने इस हत्याकांड को सिर्फ आपराधिक घटना नहीं रहने दिया है। अब इस मामले में राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी जाँच के दायरे में आने की माँग उठ रही है।