अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में चल रहा तनाव कम होने के बजाय अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुँच गया है। एक तरफ जहाँ दोनों देशों के बीच पिछले कई हफ़्तों से चल रही अप्रत्यक्ष शांति वार्ता पूरी तरह अटकी हुई है, वहीं दूसरी तरफ खाड़ी क्षेत्र (गल्फ रीज़न) में सैन्य टकराव तेज़ी से बढ़ गया है। हालिया घटनाक्रमों में बहरीन ने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति गंभीर हो गई है। इन सबके बीच पाकिस्तान भी इस संकट को टालने के लिए मध्यस्थ की भूमिका में काफी एक्टिव दिखाई दे रहा है।
इस तनाव के बीच एक बड़ी आर्थिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की टीम इस समय एक बेहद आक्रामक प्लान पर काम कर रही है। इस योजना के तहत, अमेरिका द्वारा फ्रीज़ (जब्त) किए गए ईरान के अरबों डॉलर के फंड का इस्तेमाल उसके सहयोगी देशों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किया जा सकता है। अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक, कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों को ईरानी हमलों से जो भी नुकसान हुआ है, उसकी लागत का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
माना जा रहा है कि अमेरिका का यह नया कदम जारी बातचीत को पूरी तरह से पटरी से उतार सकता है। दरअसल, दोनों देशों के बीच शांति वार्ता पहले से ही ईरान की फ्रीज़ संपत्तियों को मुक्त करने के मुद्दे पर रुकी हुई है। ऐसे में अमेरिका की तरफ से इस फंड को सहयोगियों में बाँटने का प्रस्ताव डील की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन न केवल पुराने नुकसान, बल्कि भविष्य में होने वाले किसी भी ईरानी हमले की मरम्मत का खर्च भी इन्हीं संपत्तियों से निकालने पर विचार कर रहा है। हालाँकि इस फैसले पर इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है और लोगों ने ऑनलाइन सवाल उठाया है कि ईरान को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
खाड़ी में तेज हुई झड़पें, 2 दिन में अमेरिका ने मार गिराए 6 ईरानी ड्रोन
इस बीच खाड़ी के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर सैन्य झड़पें तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने आ रहे दो ईरानी आत्मघाती ड्रोनों को मार गिराया है। यह कार्रवाई शनिवार (06 जून 2026) को बहरीन और कुवैत जैसे अमेरिकी सहयोगियों पर ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के बाद की गई है।
इस सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने आधिकारिक ‘X’ अकाउंट पर बयान जारी किया है। अमेरिकी सेना ने कहा, “आज सुबह, मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी बलों ने दो ईरानी वन-वे अटैक (आत्मघाती) ड्रोनों को मार गिराया, जो होर्मुज जलडमरू मध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए सीधा खतरा पैदा कर रहे थे। अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह मुस्तैद है और ईरानी आक्रामकता के खिलाफ लगातार अपने सहयोगियों की रक्षा करने के लिए तैयार है।”
Earlier today, U.S. forces in the Middle East shot down two Iranian one-way attack drones that threatened international maritime traffic in the Strait of Hormuz.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 7, 2026
American forces remain postured and ready to continue defending against Iranian aggression.
इसके अलावा सेंटकॉम ने यह भी जानकारी दी कि शुक्रवार देर रात अमेरिकी सेना ने इस रणनीतिक जलमार्ग की ओर लॉन्च किए गए चार अन्य ईरानी लड़ाकू ड्रोनों को भी ध्वस्त कर दिया था। इसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के तटीय निगरानी राडार ठिकानों पर बमबारी कर उन्हें नष्ट कर दिया। यह आमने-सामने की सैन्य कार्रवाई तब हो रही है, जब दोनों पक्ष पर्दे के पीछे युद्ध खत्म करने की शर्तों पर बात कर रहे थे।

