गाजियाबाद में सावेज-इकराम-जुनैद चला रहे थे ‘जिहादी’ गैंग, जैश आतंकी से था सीधा संपर्क: UP पुलिस ने UAPA के तहत सबको दबोचा, देश विरोधी साजिश का भंडाफोड़

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गाँव से पुलिस ने 6 ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ की राह पर चल रहे थे। ये सभी प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और कुख्यात आतंकी फरहातुल्लाह घोरी के संपर्क में थे।

पकड़े गए युवकों में गैंग का लीडर 20 साल का सावेज है, जिसने अपना नाम ‘जिहादी’ रख लिया था। ये युवक न केवल आतंकी ट्रेनिंग के वीडियो देखते थे, बल्कि दूसरों को भी देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहे थे।

पढ़े-लिखे युवा भी थे गैंग का हिस्सा

हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में केवल अनपढ़ ही नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे लोग भी शामिल हैं। सावेज उर्फ जिहादी एक परचून की दुकान पर काम करता है, जबकि इकराम एक वकील है और जुनैद एलएलबी का छात्र है।

वहीं जावेद मदरसा चलाता है और फरदीन व फजरू मजदूरी का काम करते हैं। पुलिस की सोशल मीडिया सेल इन पर लंबे समय से नजर रख रही थी। इकराम की अम्मी मूल रूप से बांग्लादेश की है और उसने गलत जानकारी देकर पासपोर्ट बनवाया था, जिस पर अलग से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

पाकिस्तानी आतंकी घोरी से थे प्रभावित

जाँच में सामने आया है कि ये सभी आरोपित हैदराबाद के मूल निवासी और फिलहाल पाकिस्तान में छिपे आतंकी फरहातुल्लाह घोरी से प्रभावित थे। घोरी अक्षरधाम मंदिर हमले और बेंगलुरु कैफे ब्लास्ट जैसी साजिशों में शामिल रहा है।

पुलिस ने इनके पास से डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इन सभी के खिलाफ यूएपीए (UAPA) की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अब जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या नाहल गाँव में कोई बड़ा आतंकी स्लीपर सेल तैयार करने की साजिश रची जा रही थी।