उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की नोएडा यूनिट ने ₹100 करोड़ के इंटरस्टेट लोन फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में रामकुमार, नितिन जैन, मोहम्मद वासी, शमशाद आलम, इंद्रकुमार कर्मकार, अनुज यादव, ताहिर हुसैन और अशोक उर्फ दीपक जैन शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, गिरोह का मास्टरमाइंड रामकुमार है, जो पहले HDFC और एक्सिस बैंक में लोन एग्जिक्यूटिव के पद पर काम कर चुका है। STF की जाँच में सामने आया कि यह गिरोह बिल्डरों से मिलकर फर्जी प्रोफाइल बनवाता था। इसके बाद उन्हीं नामों पर होम लोन लिया जाता था।
इस गिरोह ने 20 से ज्यादा फर्जी कंपनियाँ (शेल कंपनियाँ) बनाई थीं। इन कंपनियों के लिए जाली आधार कार्ड और बैंक कर्मचारियों की मदद से खाते खोले गए थे। गिरोह बिहार और खाड़ी देशों में काम कर रहे लोगों को लालच देकर उनकी प्रोफाइल पर भी लोन लेता था।
इतना ही नहीं, जालसाजों ने दिल्ली की रहने वाली एक मृत महिला की संपत्ति को भी फर्जी दस्तावेजों से ₹4.8 करोड़ के लोन के लिए इस्तेमाल किया। पुलिस ने अब तक इस रैकेट से जुड़े 220 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन सभी आरोपितों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली पहचान बनाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

