केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर एक विस्तृत अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना में दिशा-निर्देश हैं कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और कई महत्वपूर्ण आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ बजना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को खड़े होकर इसका सम्मान करना होगा, जैसे ‘राष्ट्रगान’ का होता है।
अधिसूचना में यह भी कहा गया कि जब भी राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों को किसी भी कार्यक्रम में साथ गाया या बजाया जाए, तो सबसे पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया जाएगा। सबसे अहम बात है कि गीत के 3 मिनट 10 सेकेंड के पूरे 6 छंद बजाए जाएँगे, जिनमें से 4 छंद 1937 में कॉन्ग्रेस ने हटा दिए थे।

सरकार ने तिरंगा फहराने, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, और राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में सहित कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम बजाना अनिवार्य किया है। हालाँकि, सिनेमा हॉल को नए नियमों से दूर रखा गया है। यानी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और खड़ा रहना अनिवार्य नहीं होगा।
सरकार ने इस आदेश का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और उनके सही तरीके से पालन को सुनिश्चित करना है, ताकि सभी सरकारी और सार्वजनिक आयोजनों में एक समान प्रक्रिया अपनाई जा सके।

