‘ये गंभीर अपराध’: गंगा में चिकन पार्टी करने वाले 14 आरोपितों की वाराणसी कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

काशी में गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार और चिकन बिरयानी पार्टी करने के मामले में गिरफ्तार 14 आरोपितों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। सोमवार (23 मार्च 2026) को वाराणसी की एक अदालत ने इन सभी की जमानत याचिका खारिज की।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आरोपितों पर लगे आरोप बेहद गंभीर और गैर-जमानती हैं, इसलिए इस मोड़ पर उन्हें राहत नहीं दी जा सकती। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ था, जब पिछले सोमवार को नाव पर बिरयानी खाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। अब इस मामले में पुलिस ने नई धाराएँ भी जोड़ी हैं। आरोप है कि इन लोगों ने एक नाविक को डरा-धमका कर जबरन उसका अपहरण किया और उसकी नाव पर यह पार्टी की।

अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि गंगा सनातन धर्म की आस्था का केंद्र है और वहाँ मांसाहार कर उसकी जूठन नदी में फेंकना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है। आरोपितों पर पूजा स्थल को अपवित्र करने, सार्वजनिक उपद्रव करने, जल प्रदूषण फैलाने और दो समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने जैसी कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

कोर्ट ने माना कि इन आरोपों में कड़ी सजा का प्रावधान है और जमानत देने से न्यायिक प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। सभी आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में ही रहेंगे