वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका के हालिया आरोपों पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स, लोकतंत्र और मानवाधिकारों को लेकर लगाए जा रहे आरोप असल मुद्दे नहीं हैं, बल्कि वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण पाने का बहाना हैं।
वेनेजुएला की नेशनल असेंबली में बोलते हुए रोड्रिगेज ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश के रूप में वेनेजुएला लंबे समय से बाहरी दखल का निशाना रहा है। उनके मुताबिक, उत्तर के देशों की ऊर्जा लालच के कारण ही वेनेजुएला पर ऐसे आरोप लगाए जाते हैं, ताकि उसके ऊर्जा संसाधनों तक खुली पहुँच बनाई जा सके।
Venezuela’s Acting President Delcy Rodríguez:
— Clash Report (@clashreport) January 8, 2026
Venezuela is an energy powerhouse, and that reality has brought serious challenges.
Claims about drugs, democracy, and human rights have been used as excuses for one real goal: control of our oil. pic.twitter.com/sQ1ABleGCB
उन्होंने कहा कि ड्रग्स, लोकतंत्र और मानवाधिकारों की बातें बार-बार इसलिए उठाई जाती हैं ताकि असली मकसद यानी वेनेजुएला के तेल पर नियंत्रण को छिपाया जा सके। रोड्रिगेज ने कहा, “हम ऊर्जा के क्षेत्र में एक महाशक्ति हैं। नशीली दवाओं, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के बारे में किए गए दावों का इस्तेमाल एक वास्तविक लक्ष्य को पूरा करने के बहाने के रूप में किया गया है, जो है हमारे तेल पर नियंत्रण।”
रोड्रिगेज का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका के साथ पूरा सहयोग दे रही है और अमेरिका आने वाले वर्षों तक वेनेजुएला के तेल उत्पादन और बिक्री की निगरानी करेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका वेनेजुएला पर सैन्य दबाव बढ़ा रहा है और प्रतिबंधों के तहत वेनेजुएला के तेल से जुड़े टैंकरों को जब्त कर रहा है। हालाँकि रोड्रिगेज ने यह भी साफ किया कि उनकी सरकार टकराव नहीं चाहती।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला ऊर्जा साझेदारियों और व्यापारिक समझौतों के लिए तैयार है, बशर्ते ये समझौते पारदर्शी हों, स्पष्ट आर्थिक शर्तों पर आधारित हों और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में हों।
दखल नहीं स्वीकार करेगा वेनेजुएला
उनका कहना था कि वेनेजुएला अपने ऊर्जा संबंधों को विविध बनाना चाहता है, न कि किसी एक बाहरी ताकत के नियंत्रण में देना। उन्होंने अमेरिका के साथ रिश्तों पर भी बात की और कहा कि पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने की कोशिशों से दोनों देशों के संबंध जरूर खराब हुए, लेकिन कानूनी ढाँचे के भीतर व्यापार करना खासकर ऊर्जा क्षेत्र में, न तो असामान्य है और न ही गलत।
उनका बयान स्पष्ट था कि वेनेजुएला बातचीत और व्यापार के लिए तैयार है, लेकिन दबाव और अवैध दखल को स्वीकार नहीं करेगा। दूसरी ओर अमेरिका ने वेनेजुएला की तेल संपत्तियों और टैंकरों को जब्त करने जैसे कदम उठाए हैं।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र के पुनर्गठन और उसकी तेल संपदा को क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सुधार के लिए इस्तेमाल करने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं आलोचकों का मानना है कि यह सहयोग के नाम पर आर्थिक प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश है।

