अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिस नोबेल शांति पुरस्कार पाने को इतने समय से आतुर हैं, आखिरकार वो उन्हें मिल ही गया। पुरस्कार की असली विजेता वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने इसे ट्रंप को भेंट किया।
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने गुरुवार (15 जनवरी 2026) को व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। यह दोनों नेताओं के बीच अब तक की पहली मुलाकात थी और अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद इसे बेहद अहम माना जा रहा है। वेनेजुएला को चलाने वाले ट्रंप शायद मचाडो को देश की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। हालाँकि, ट्रंप प्रशासन ने पहले कहा था कि वे अभी यह जिम्मेदारी संभालने के लायक नहीं है।
मचाडो ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार क्यों दिया?
मारिया मचाडो ने कहा, कि उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार धन्यवाद के प्रतीक के रूप में देने की पेशकश की है। उन्होंने ट्रंप की ‘हमारी आजादी के लिए खास प्रतिबद्धता’ की तारीफ की। मचाडो ने कहा कि यह तोहफा वेनेजुएला में लोकतंत्र के समर्थन में उनकी भूमिका के सम्मान में था।
उन्होंने अमेरिका और वेनेजुएला की आजादी की लड़ाई से जुड़ी एक ऐतिहासिक घटना का भी जिक्र किया। मचाडो ने अपने इस कदम की तुलना उस कहानी से की, जिसमें नेताओं ने एक-दूसरे को मेडल देकर आपसी एकता और दोस्ती दिखाई थी।
डोनाल्ड ट्रंप की खुशी
नोबेल शांति पुरस्कार देखकर डोनाल्ड ट्रंप की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मारिया ने मेरे किए गए काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया। यह आपसी सम्मान दिखाने का एक बहुत सुंदर इशारा है। धन्यवाद, मारिया।”
( @realDonaldTrump – Truth Social Post )
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) January 16, 2026
( Donald J. Trump – Jan 15 2026, 7:48 PM ET )
It was my Great Honor to meet María Corina Machado, of Venezuela, today. She is a wonderful woman who has been through so much. María presented me with her Nobel Peac… pic.twitter.com/7U7MeWvPy9
इसके अलावा मारिया की तारीफ करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो से मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान था। वह एक शानदार महिला हैं, जिन्होंने जीवन में बहुत कुछ सहा है।”

