इजरायल और गाजा के बीच मिस्र में चल रही बातचीत के बाद संघर्षविराम (सीजफायर) की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसी बीच 07 अक्टूबर 2025 को हमास द्वारा बंधक बनाए गए नेपाली हिंदू छात्र बिपिन जोशी का एक पुराना वीडियो सामने आया है। यह वीडियो नवंबर 2023 का बताया जा रहा है, जिसे इजरायली सेना ने जोशी के परिवार को दिया था।
First video of Nepali Hostage in Hamas Captivity Bipin Joshi. He is the only Hindu captured by Hamas in Gaza.
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) October 8, 2025
The family of Bipin Joshi is now releasing footage recovered by the IDF and shared with them by intelligence officials. The video, estimated to have been filmed in… pic.twitter.com/4VIOenoFep
इजरायल-गाजा युद्ध शुरू होने से 25 दिन पहले ही नेपाल से गए थे बिपिन जोशी
33 सेकंड के इस वीडियो में बिपिन जोशी खुद को अंग्रेजी में अपना परिचय देते हुए कह रहें है। वह अपना नाम बिपिन जोशी बताते हुए कहते हैं कि उनकी उम्र 23 साल है। वह सीखो और कमाओ प्रोग्राम (Learn and Earn Program) के तहत नेपाल से इजरायल गए थे। उसके कुछ दिन बाद ही गाजा और इजरायल का युद्ध शुरू हो गया, जिसमें कई नेपाली हिंदू नागरिक को भी बंधी बना लिया गया।
बिपिन जोशी इजरायल में कृषि फार्म में काम करते थे। इजरायल और गाजा युद्ध के 25 दिन पहले ही इजरायल गए थे। 07 अक्टूबर 2023 को इजरायल में उनके साथ बाकी 10 साथियों को भी बंधी बनाया गया था, जिन्हें हमास ने मार डाला। केवल बिपिन जोशी के जीवित रहने की खबरें है, जो उनके वीडियो सामने आने के बाद तेज हो गई हैं।
परिवार ने शेयर किया वीडियो
हाल ही में सामने आया बिपिन जोशी का यह वीडियो उनके परिवार ने शेयर किया है। परिवार को यह वीडियो इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने सौंपा था। परिवार ने यह भी बताया कि वीडियो बंधक बनाने के एक महीने बाद नवंबर 2023 में रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो के बाद उनके जीवित होने की उम्मीदें जगी हैं। हालाँकि, अब तक उनके जिंदा होने की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
परिवार ने वीडियो के संबंध में कहा, “उस भयानक नरसंहार के दो साल पूरे हो चुके हैं, जिसने हजारों परिवारों को दर्ज और नुकसान में डुबो दिया। हमारे परिवार और अन्य बंधकों के लिए समय जैसे थम गया है। हमने अपने बेटे बिपिन के जीवन का एक संकेत साझा करने का फैसला किया है।”
इस वीडियो को देख गाजा में हमास की कैद में 48 बंधकों के परिवारों के बीच भी उम्मीदें जगी। उन परिवारों ने कहा, “यह वीडियो उनके लिए उम्मीद की किरण है। यह संकेत है कि बिपिन जोशी जीवित है।”
जोशी का परिवार चला रहा रिहाई अभियान
फिलहाल बिपिन जोशी का परिवार अमेरिका में रहता है। परिवार ने गाजा में बंधक बनाए गए 47 परिवारों के साथ मिलकर रिहाई अभियान चलाया हुआ है। जोशी परिवार ने कहा, “हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप हमसे मिलेंगे और मदद करेंगे। राष्ट्रपति एक शक्तिशाली और दयालु व्यक्ति हैं और हम जानते हैं कि बंधकों का भाग्य उनके दिल के करीब है।”

