पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का शांत और रिहायशी इलाका गोलपार्क रविवार (1 फरवरी 2026) की रात बम धमाकों और गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया है कि TMC की एक ‘पिकनिक’ खूनी संघर्ष में बदल गई।
अमित मालवीय के मुताबिक, टीएमसी के कुख्यात गुंडे ‘सोना पप्पू’ और उसके साथियों ने पंचानन तला बस्ती इलाके पर हमला कर दिया। इस दौरान जमकर ईंटें चलीं, कच्चे बम फेंके गए और गोलियाँ चलाई गईं, जिसमें दो मासूम नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने अबतक 10 को गिरफ्तार किया है।
अमित मालवीय का बड़ा हमला: ‘सो रही थी पुलिस’
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने X पर पोस्ट कर बंगाल की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गोलपार्क जैसे शांत इलाके में गैंगवार और बम धमाके होना बेहद दुखद और गुस्सा दिलाने वाला है।
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि राजनीतिक शह पर गुंडों ने सार्वजनिक जगहों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए दिखाया कि कैसे स्थानीय महिलाएँ अब चुप नहीं हैं। महिलाएँ पुलिस को घेरकर तीखे सवाल पूछ रही हैं कि ‘इतनी बड़ी संख्या में इलाके में बम कैसे आए?’ और ‘पुलिस ने इन गुंडों को रोकने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई?’
In Kolkata’s Golpark, a Trinamool Congress “picnic” turned into the backdrop for violent lawlessness when notorious TMC miscreant Sona Pappu and his associates allegedly attacked the Panchanan Tala slum area. Bricks and crude bombs were hurled, bullets were fired, and two… pic.twitter.com/QiceMhthLr
— Amit Malviya (@amitmalviya) February 2, 2026
इलाके में भारी तनाव और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
रविवार (1 फरवरी) रात करीब 8:30 बजे रबींद्र सरोबर थाना क्षेत्र के कांकुलिया रोड पर हिंसा तब शुरू हुई जब दूसरे इलाके के कुछ युवक बस्ती में घुस आए। देखते ही देखते पत्थराव और बमबाजी शुरू हो गई।
गुस्साई भीड़ ने कई मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की और पुलिस की गाड़ी पर भी हमला करने की कोशिश की। भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में माफिया और अपराधी राज कर रहे हैं और पुलिस उनके साथ मिली हुई है।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मौके से कारतूस के खाली खोखे और बमों के टुकड़े बरामद किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अब तक इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और CCTV फुटेज के जरिए अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है। हालाँकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस केवल सुरक्षा का दिखावा करती है और असली गुनहगारों पर हाथ डालने से बचती है।

