LPG की कालाबाजारी पर सख्त योगी सरकार, 4800+ जगहों पर छापेमारी: 70 FIR दर्ज, 10 गिरफ्तार

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच दुनियाभर में ऊर्जा का संकट पैदा हो गया है। भारत में भी ईंधन को लेकर कई नए नियम बनाए गए हैं और इस बीच देशभर में कालाबाजारी और जमाखोरी किए जाने के मामले सामने आए हैं।

इस बीच योगी आदित्यानाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने एलपीजी (LPG) की कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पूरे उत्तर प्रदेश में प्रवर्तन टीमों ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया।

आँकड़ों के अनुसार, 12 मार्च से सोमवार (16 मार्च) तक प्रदेश में कुल 4,816 जगहों पर निरीक्षण और छापेमारी की जा चुकी है। इस दौरान 70 FIR दर्ज की गई हैं जबकि 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जाँच अधिकारियों ने बताया कि 67 लोग अवैध LPG गतिविधियों में संलिप्तता के शक में अभियोजन का सामना कर रहे हैं।

यह कार्रवाई ऐसे समय में की जा रही है जब देश के कई हिस्सों में मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण LPG की घबराहट में बुकिंग (Panic Booking) बढ़ने की समस्या सामने आ रही है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है।

अधिकारियों के मुताबिक, 4108 LPG वितरकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार समय पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित हो सके। सरकार ने LPG स्टॉक की नियमित समीक्षा करने का भी फैसला किया है और सिलेंडरों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कालाबाजारी और जमाखोरी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही यूपी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और LPG की लगातार उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी जिलों में सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

एजेंसियाँ पूरे प्रदेश में सक्रिय रहकर आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं ताकि कहीं भी कालाबाजारी या कमी की स्थिति न बने। स्थिति पर नजर रखने के लिए सरकार ने खाद्य आयुक्त कार्यालय और सभी जिलों में 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं और आपूर्ति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।