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BSNL ने सभी कर्मचारियों को दी सैलरी, ₹3300 करोड़ का किया भुगतान

पिछले कुछ समय से बीएसएनएल के घाटे में जाने की ख़बरें आ रही थी और कम्पनी पर अपने कर्मचारियों की सैलरी रोक कर रखने का आरोप लगा था। 'डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन' पिछले कई दिनों से बीएसएनएल और एमटीएनएल को संकट से उबारने के लिए कई विकल्पों पर मंथन कर रहा है।

भारतीय दूरसंचार निगम लिमिटेड (BSNL) पर कर्मचारियों को समय पर सैलरी न देने के आरोप लगे थे। इस सम्बन्ध में कई विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर निशाना साधा था। अब ख़बर आई है कि बीएसएनएल ने अपने सभी कर्मचारियों को अगस्त की सैलरी दे दी है। कम्पनी के चेयरमैन और एमडी पीके पुरवार ने कहा कि कॉर्पोरेशन ने सभी कर्मचारियों के अकाउंट में सैलरी ट्रांसफर कर दिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सैलरी दे दी गई है और अब एक भी कर्मचारी का पैसा बाकी नहीं है।

पिछले कुछ समय से बीएसएनएल के घाटे में जाने की ख़बरें आ रही थी और कम्पनी पर अपने कर्मचारियों की सैलरी रोक कर रखने का आरोप लगा था। ‘डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन’ पिछले कई दिनों से बीएसएनएल और एमटीएनएल को संकट से उबारने के लिए कई विकल्पों पर मंथन कर रहा है। इसमें वित्त के लिए कम्पनी के एसेट्स का इस्तेमाल करना, कुछ कर्मचारियों को समय-पूर्व रिटायरमेंट देना और कम्पनी को 4G स्पेक्ट्रम का आवंटन देना शामिल है।

अगर वित्तीय वर्ष 2018-19 की बात करें तो बीएसएनएल को 14,000 करोड़ का घाटा हुआ है इसी वित्त वर्ष के दौरान और कम्पनी का राजस्व भी घट कर 19,308 करोड़ रुपया हो गया है। वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान पब्लिक सेक्टर कम्पनी बीएसएनएल को 4,859 करोड़ का घाटा हुआ था। वित्त वर्ष 2017-18 में यह आँकड़ा 7,993 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में बीएसएनएल का प्रोविजनल घाटा बढ़ कर 14,203 करोड़ हो गया। ये आँकड़े संसद सत्र के दौरान पेश किए गए थे।

अगर कर्मचारियों की बात करें तो बीएसएनएल में फ़िलहाल 1,65,179 कर्मचारी कार्यरत हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सभी कर्मचारियों को कुल मिला कर 3300 करोड़ रुपए भुगतान किए गए हैं। बीएसएनएल के चेयरमैन ने बताया कि कम्पनी ने सभी कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान अपने आंतरिक संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले महीने वेतन के भुगतान में कुछ देरी हो गई थी।

बीएसएनएल के अनुसार, उसने पिछले सप्ताह ही कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान कर दिया है। बीएसएनल के कई कर्मचारी पिछले वर्ष से ही नाराज़ हैं कि कम्पनी को 4G स्पेक्ट्रम का आवंटन नहीं मिला। एम्पलाई यूनियन ने कहा था कि रिलायंस जिओ के आने से बीएसएनल मार्किट में काफ़ी पिछड़ गई है। हालाँकि, कई विपक्षी नेताओं ने तिल का ताड़ बनाते हुए बीएसएनएल के मुद्दे पर ऐसे हंगामा मचाया था, जैसे कम्पनी ने कई सालों से कर्मचारियों को वेतन न दिया हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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