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कभी क्रिश्चियनिटी का बोलबाला, अब ईसायत को मानने वाले 55% ही बचे: होटल, नाइट क्लब और कैफे में बदल रहे बेल्जियम के चर्च

बेल्जियम में एक समय में वहाँ 83% लोग ईसाई थे जिनकी वजह से बेल्जियम के 300 कस्बों में कई चर्च, कैथ्रेडल और चैपल बनाए गए। लेकिन अब समय के साथ यहाँ धर्म का अनुसरण करने वालों की संख्या कम हुई और खुद को ईसाई बताने वाले केवल 55% लोग बचे।

यूरोप के बेल्जियम में कई चर्चों को अब होटल, कैफे और नाइट क्लब में तब्दील किया जा रहा है। वहाँ एक सैकर्ड हर्ट चर्च है जिसके एक कोने में खड़े होकर कभी बेल्जियम के लोग आकर अपने गुनाह कबूलते थे, अब वही जगह है जब कैफे में बदल गई है। इसी तरह फ्रांसिस्कन चर्च को एक लक्सरी होटल में तब्दील किया जा चुका है। यहाँ म्यूजिक स्टार स्ट्रोमे ने अपनी शादी के बाद रात बिताई थी।

बता दें कि बेल्जियम में ईसाई धर्म के ज्यादातर लोग रहते हैं। एक समय में वहाँ 83% लोग ईसाई थे जिनकी वजह से बेल्जियम के 300 कस्बों में कई चर्च, कैथ्रेडल और चैपल बनाए गए। लेकिन अब समय के साथ यहाँ धर्म का अनुसरण करने वालों की संख्या कम हुई और खुद को ईसाई बताने वाले केवल 55% लोग बचे। इनमें भी 10% ऐसे हैं जो रेगुलर चर्च जाते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक धर्म को लेकर खत्म होती आस्था के कारण बहुत कम लोग लगातार चर्च जाते हैं। ऐसे में चर्चों का रखरखाव काफी मुश्किल हो गया था। इसी कारण इन इमारतों को किसी और कार्य में लाते हुए होटल सुपरमार्केट आदि बना दिया गया। अब कुछ लोग ऐसे हैं जो ऐसे बदलाव के विरोध कर रहे हैं। मे

मेयर समबार्ट जो खुद चर्चों को विभिन्न रूप देने में लगे हैं वो भी कहते हैं कि होटल में आकर लोग सोते हैं, सेक्स भी करते हैं तो क्या ये कहना ठीक है कि चर्च को होटल बना लिया जाए? ऐसे बदलावों पर एंटवर्प के बिशप भी नाराज हैं। उनका कहना है कि अतीत में वापसी संभव नहीं लग रही। पवित्र स्थलों को कपड़ों की दुकान से लेकर नाइट क्लबों में बदला जा रहा है।

इनमें से एक चर्च आज बेल्जियम का मशहूर चर्च बन चुका है। उसका नाम मार्टिन पैटरशॉफ होटल है। इस होटल की इमारत पहले चर्च थी जिसे बाद में होटल बनाया गया। इसकी खिड़कियों को बाहर देखने पर ऐसा लगता है जैसे किसी म्यूजियम को देखा जा रहा हो। लोग इसकी बनावट और सुंदरता देखकर हार्ट ऑफ मेकेलन भी कहते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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