इंग्लैंड की राजधानी लंदन में चाकूबाजी की एक और वारदात हुई है। उत्तर-पश्चिम लंदन में एक बस स्टॉप पर इंतजार कर रही 66 वर्षीय भारतीय मूल की महिला अनिता मुखी की हत्या कर दी गई। इस वारदात को एडग्वेयर इलाके में 9 मई 2024 को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में 22 साल के जलाल डेबेला को गिरफ्तार किया है और उस पर फर्स्ट डिग्री मर्डर की धाराओं में केस दर्ज किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनिता मुखी इंग्लैंड के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) में पार्ट टाइमर के तौर पर मेडिकल सेक्रेटरी के पद पर काम करती थी। वो बर्न्ट ओक ब्रॉडवे बस स्टॉप पर थी, जब 22 साल के जलाल डेबेला ने उनकी हत्या की। इस वारदात से जुड़ी रिपोर्ट्स में बताया गया है कि डेबेला ने पहले उनके साथ बहस की और फिर उनका गला दबा कर मारने की कोशिश की, लेकिन जब वो असफल रहा, तो उसने चाकू निकाल लिया और उनके सीने-पेट में कई वार किए। अनिता मुखी को मारने के बाद डेबेला मौके से फरार हो गया था। मौके पर पहुँचे चिकित्साकर्मियों ने अनिता मुखी की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।
अनिता मुखी की हत्या के बाद जलाल को पुलिस ने थोड़ी दूर से गिरफ्तार कर लिया था। लंदन पुलिस ने बताया है कि जलाल को शनिवार (11 मई 2024) को लंदन के ओल्ड बेली कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे हिरासत में भेज दिया गया। उसे मंगलवार (14 मई 2024) को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया और हत्या की धारा के साथ ही घातक हथियार की धाराएँ लगाई गई, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। अब इस मामले में अगली सुनवाई अगस्त में होगी, जिसमें उस पर आरोप तय किए जाएँगे।
लंदन और यूके में चाकूबाजों का कहर, हजारों मामले
बता दें कि कुछ समय पहले पीए न्यूज एजेंसी ने यूके और लंदन में चाकू बाजी के आँकड़े जारी किए थे, जो चौंकाने वाले थे। साल 2023 में अकेले लंदन मेट्रोपॉलिटर पुलिस ने 14,577 चाकूबाजी के मामले दर्ज किए। साल 2022 में ये आंकड़े 12,119 तक थे, वहीं कोरोना काल से पहले साल मार्च 2020 तक 14,680 मामले दर्ज हुए थे। पूरे देश की बात करें तो इंग्लैंड और वेल्स में साल 2023 में चाकू से जुड़े अपराधों की संख्या 49,489 रही, जिसमें अकेले लंदन में 29% मामले दर्ज किए गए।