Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयहाथों में तलवार लेकर निकला 36 साल का हमलावर, ब्रिटेन में आम लोगों से...

हाथों में तलवार लेकर निकला 36 साल का हमलावर, ब्रिटेन में आम लोगों से लेकर पुलिस तक को बनाया निशाना: 13 साल के बच्चे की मौत

लंदन पुलिस ने किशोर की मौत की पुष्टि की है। इस बीच, एक आँकड़ा सामने आया है, जिसमें बताया गया है किअकेले लंदन में ही पिछले साल 14 हजार से ज्यादा चाकूबाजी की घटनाएँ सामने आई थी।

इंग्लैंड में एक व्यक्ति ने समुराई तलवार से लोगों पर हमला बोल दिया। उसने 2 पुलिसकर्मियों समेत 5 लोगों को घायल कर दिया। इस हमले में एक 13 साल का किशोर बुरी तरह से घायल हो गया था, जिसकी मौत हो गई। लंदन पुलिस ने किशोर की मौत की पुष्टि की है। इस बीच, एक आँकड़ा सामने आया है, जिसमें बताया गया है किअकेले लंदन में ही पिछले साल 14 हजार से ज्यादा चाकूबाजी की घटनाएँ सामने आई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमला उत्तरी-पूर्वी लंदन के हैनॉल्ट ट्यूब स्टेशन के पास हुआ, जिसके बाद ट्यूब स्टेशन को बंद कर दिया गया और पुलिस ने पूरे इलाके की घेरेबंदी कर दी। ये हमला मंगलवार सुबह 6.45 बजे के आसपास हुआ, जिसमें एक व्यक्ति ने कार से पहले तो एक घर में टक्कर मार दी, फिर वो बड़ी सी समुराई तलवार के साथ बाहर आया और लोगों पर हमले करने शुरू कर दिए। इस हमले में 2 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए, वो हमलावर को पकड़े की कोशिश कर रहे थे। हमलावर की पहचान की सार्वजनिक नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि उसकी उम्र 36 साल है।

इस हमले में कुल 5 लोग घायल हुए थे, जिसमें 13 साल का किशोर भी था। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि किशोर की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने हमले की निंदा की है। उन्होंने इसे कायराना हरकत करार दिया है।

ऋषि सुनक ने एक्स पर लिखा, “यह एक चौंकाने वाली घटना है। मेरी संवेदनाएँ प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। मैं पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को उनकी त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सलाम करता हूँ। हमारी सड़कों पर ऐसी हिंसा का कोई स्थान नहीं है।”

लंदन में 14 हजार से ज्यादा चाकूबाजी के मामले हर साल, पूरे देश में 50 हजार

पीए न्यूज एजेंसी ने कुछ आँकड़े जारी किए हैं, जो चौंकाने वाले हैं। साल 2023 में अकेले लंदन मेट्रोपॉलिटर पुलिस ने 14,577 चाकूबाजी के मामले दर्ज किए हैं। साल 2022 में ये आंकड़े 12,119 तक थे, वहीं कोरोना काल से पहले साल मार्च 2020 तक 14,680 मामले दर्ज हुए थे। पूरे देश की बात करें तो इंग्लैंड और वेल्स में साल 2023 में चाकू से जुड़े अपराधों की संख्या 49,489 रही, जिसमें अकेले लंदन में 29% मामले दर्ज किए गए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राहुल गाँधी जिस इमरजेंसी के नाम पर डरा रहे हैं, क्या भारत के मौजूदा हालात में वो संभव है? जानिए संवैधानिक प्रक्रिया और इमरजेंसी...

संविधान के तहत देशव्यापी आपातकाल के लिए केवल अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपातकाल) और अनुच्छेद 360 (आर्थिक आपातकाल) का ही प्रावधान है।

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।
- विज्ञापन -