Thursday, July 25, 2024
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‘मानव-ड्रग-हथियार तस्करी करते हैं रोहिंग्या, कोई कब तक रखे?’: बांग्लादेश की PM हसीना ने घुसपैठियों को बताया ‘बोझ’, भारत से माँगी मदद

शेख हसीना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोविड जैसी वैश्विक महामारी में उन्होंने पड़ोसी देशों का भी ख्याल रखा और उन्हें कोविड के वैक्सीन उपलब्ध कराए। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान बांग्लादेश के छात्रों को भारत ने बचाया।

अत्याचार के नाम पर म्यांमार से आकर पड़ोसी देशों में घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या मुस्लिम सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश के लिए नासूर बनते जा रहे हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने रोहिंग्या मुस्लिमों को ‘बड़ा बोझ’ बताते हुए भारत से मदद माँगी है।

हसीना ने कहा कि रोहिंग्याओं को वापस उनके देश में भेजना चाहिए और इसमें भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और भारत को बांग्लादेश का ‘टेस्टेड फ्रेंड’ (परखा हुआ मित्र) बताया।

बता दें कि भारत में रोहिंग्या मुस्लिमों की घुसपैठ खुद में एक बड़ी समस्या बनी हुई है। वहाँ म्यामांर से इन मुस्लिमों के भागने का सिलसिला जारी है। भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में और बांग्लादेश के जरिए असम अवैध घुसपैठ जारी रखे हुए हैं।

शेख हसीना ने ANI को बताया कि बांग्लादेश में लाखों की संख्या में मौजूद रोहिंग्या मुस्लिम उनके शासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत बड़ा देश है और वह उनके आमद को बर्दाश्त कर सकता है, लेकिन बांग्लादेश नहीं। फिलहाल बांग्लादेश में 11 लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन लोगों को वापस उनके देश भेजने के लिए वह अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों एवं पड़ोसी देशों से बात कर रही हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि मानवीय आधार पर उन्होंने घुसपैठियों की मदद की और उन्हें आश्रय सहित सब कुछ दिया। कोविड में सबको वैक्सीन लगवाए।

रोहिंग्या के अपराधों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कोई कितना दिन तक रख सकता है। वे ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल हैं। और हर बढ़ते दिन के साथ उनकी आपराधिक गतिविधियाँ बढ़ती ही जा रही हैं।

उधर शेख हसीना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोविड जैसी वैश्विक महामारी में उन्होंने पड़ोसी देशों का भी ख्याल रखा और उन्हें कोविड के वैक्सीन उपलब्ध कराए। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान बांग्लादेश के छात्रों को भारत ने बचाया। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर भारत और बांग्लादेश के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसके समाधान का रास्ता अपनाया जाता है और बातचीत की जाती है।

बता दें कि भारत और बांग्लादेश के बीच कई दौर की वार्ता के बाद दशकों से लंबित कई मुद्दों को सुलझा लिया गया है। वहीं, तीस्ता नदी जल बँटवारे सहित अन्य कई नदियों के जल बँटवारे को लेकर दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है। पीएम मोदी और शेख हसीना के बीच 6 सितंबर को दिल्ली में मुलाकात होने वाली है। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा होगी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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