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मस्जिद से मौलवी ने दिया फरमान तो टूट पड़े रोहिंग्या, Pak में कार से खींच कर जावेद और इशहाक को मार डाला: सिंध में उठी माँग – इन्हें बाहर निकालो

प्रदर्शनकारी ने कहा कि मौलवी ने लोगों को उकसाने के लिए एक मस्जिद का प्रयोग किया था, जिसके बाद भीड़ हिंसक हो उठी थी।

पाकिस्तान के कराची में भीड़ ने 2 लोगों की हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि दोनों मृतक एक टेलिकॉम कंपनी में काम करते थे, जिनके नाम मोहम्मद इशहाक और आयमान जावेद हैं। पुलिस को इस मॉब लिंचिंग के पीछे रोहिंग्याओं के होने का शक है। हिंसा में शामिल अब तक 5 नामजदों सहित 37 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्य आरोपित का नाम अब्दुल गफूर बताया जा रहा है। हमले की वजह बच्चों के अपहरण करने की अफवाह बताई जा रही है।

आरोप है कि दोनों की हत्या का फरमान एक मस्जिद से मौलवी ने जारी किया था। घटना शुक्रवार (28 अक्टूबर, 2022) की बताई जा रही है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना कराची के मच्छर कालोनी की है। घटना के दिन आयमान जावेद और अब्दुल इशहाक दोनों कॉलोनी में मोबाइल के नेटवर्क की जाँच करने पहुँचे थे। इस दौरान दोनों ने वहाँ के एक बच्चे से टॉवर का पता पूछा। इस दौरान आस-पास के लोग दोनों को बच्चा चोर कह कर शोर मचाने लगे।

जब तक दोनों कुछ समझ या लोगों को समझा पाते तब तक भीड़ ने उन दोनों पर हमला बोल दिया। हमले में दोनों बुरी तरह से घायल हो गए।

इस बीच किसी ने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर भीड़ को तितर-बितर किया लेकिन तब तक दोनों कर्मचारियों की मौत हो चुकी थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में भीड़ ने न सिर्फ टेलिकॉम कंम्पनी के दोनों कमर्चारियों को बेरहमी से पीटा है बल्कि उनकी कार को भी बुरी तरह से तोड़ डाला है। हमले के लिए लाठी, डंडे, रॉड, पत्थरों के साथ लात और घूँसों का भी प्रयोग किया जा रहा था।

मस्जिद ने निकला मौत का फरमान

इस घटना के विरोध में घटना स्थल पर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन में कई औरतें भी शामिल हुईं जिन्होंने मरने वालों की रूह के लिए जन्नत की दुआ है। इस दौरान कातिलों की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि भीड़ को दोनों मृतकों पर हमले के लिए एक मौलवी ने उकसाया था। प्रदर्शनकारी ने कहा कि मौलवी ने लोगों को उकसाने के लिए एक मस्जिद का प्रयोग किया था, जिसके बाद भीड़ हिंसक हो उठी थी।

प्रदर्शनकारी ने मौलवी की गिरफ्तारी न होने पर भी नाराजगी जताई। हालाँकि मस्जिद से हुए फरमान की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

हत्या के पीछे म्यंमार के रोहिंग्या

सिंध ज़ोन के IG ने इस घटना पर चल रही पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टेलिकॉम कंपनी के दोनों इंजीनियरों की हत्या में रोहिंग्याओं का हाथ होने के सबूत मिले हैं। इन सभी को पाकिस्तान में आधिकारिक तौर पर शरण मिली हुई है। वहीं पुलिस ने गवाहों के आगे हिरासत में लिए गए सभी आरोपितों की पहचान और परेड करवाई है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर अभी अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।

शरणार्थियों को बाहर करने की माँग का निकला जुलूस

जावेद और इशहाक की हत्या में रोहिंग्या का हाथ होने की जानकारी के बाद सिंध में लोगों ने बाहरी शरणार्थियों को निकालने की माँग का जुलूस निकाला। जुलूस में जंग हमारी जारी रहेगी जैसे नारे लग रहे थे। प्रदर्शनकरियों ने अपने बैनर पर भी गैर पाकिस्तानियों को निकालने की माँग छाप रखी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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