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‘मंदिर में ग्रेनेड फेंकना’ – Pak से आया था फोन, मुस्तफा और मुर्तजा के साथ 4 आतंकी गिरफ्तार, J&K गजनवी फोर्सेज से है ताल्लुक

"मुस्तफा को पाकिस्तान से कॉल आई थी। आरी गाँव स्थित मंदिर में ग्रेनेड फेंकने की ज़िम्मेदारी मिली थी। उसके मोबाइल फोन में एक वीडियो भी मिला, जिसमें ग्रेनेड का इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया था।”

सुरक्षाबलों ने जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में 4 संदिग्ध आतंकियों को हिरासत में लिया है। उनके पास से 6 ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी वहाँ के मंदिर पर हमले की योजना बना रहे थे।

दरअसल शनिवार (26 दिसंबर 2020) रात 8 बजे स्थानीय पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और 49 राष्ट्रीय राइफल के जवान मेंधर सेक्टर के बसूनी क्षेत्र में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस अभियान के दौरान उन्होंने गलहुटा गाँव के दो भाइयों मुस्तफ़ा इक़बाल और मुर्तजा इक़बाल को गिरफ्तार किया। 

इस घटना पर जानकारी देते हुए पुंछ के एसएसपी रमेश कुमार अंग्रल ने कहा, “इस कार्रवाई की वजह से ही हमें सफलता हासिल हुई। गिरफ्तारी के बाद 49 राष्ट्रीय राइफल बटालियन के बसूनी स्थित मुख्यालय में संदिग्धों से पूछताछ शुरू हुई। तब हमें पता चला कि मुस्तफ़ा को पाकिस्तानी नंबर से कॉल आई थी। पूछताछ में ही उसने स्वीकार किया कि उसे आरी गाँव स्थित मंदिर में ग्रेनेड फेंकने की ज़िम्मेदारी मिली हुई थी। उसके मोबाइल फोन में एक वीडियो भी मिला, जिसमें ग्रेनेड का इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया था।” 

सुरक्षाबलों ने मुस्तफ़ा के घर पर छापा भी मारा, जहाँ से 6 ग्रेनेड और अज्ञात गज़नवी फोर्सेज़ के पोस्टर बरामद किए गए। इसके अलावा बालाकोट सेक्टर के नियंत्रण रेखा पर स्थित डाबी गाँव से भी दो संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं। फ़िलहाल सुरक्षाबलों और पुलिस का खोजबीन अभियान और गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह सारे ही आतंकी जम्मू कश्मीर गज़नवी फोर्सेज़ से जुड़े हुए हैं, जो इस्लामी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के अंतर्गत काम करता है। 13 दिसंबर 2020 को मुग़ल रोड, सूरनकोट पर हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे, यह दोनों आतंकवादी भी जम्मू कश्मीर के इसी आतंकी संगठन से जुड़े हुए थे।      

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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