Friday, December 3, 2021

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आतंक

TRF कमांडर अफाक सिकंदर, हैदर, इब्राहिम समेत 5 आतंकियों का सेना ने किया सफाया: J&K के कुलगाम में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी

कुलगाम के गोपालपुरा इलाके में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ अभी भी जारी है। पोंबे में सुरक्षाबलों ने आवाजाही रोक दी है।

यूपी में टेरर फंडिंग और रोहिग्याओं की तलाश में ATS की छापेमारी: अब्दुल मन्नान सहित आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध गिरफ्तार

"यह छापेमारी अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं को लेकर की गई है। हम फाइनेंस एंगल से भी केस को इनवेस्टिगेट कर रहे हैं। यूपी एटीएस लखनऊ में इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाली है।"

अर्नब पर कानूनी, आर्थिक, मानसिक रूप से अटैक के लिए दाउद कर रहा प्रबंध, हो सकता है शारीरिक हमला: पूर्व ब्यूरोक्रेट RVS मणि

मुंबई अंडरवर्ल्ड द्वारा संगठित क्रिमिनल सिंडिकेट की गलत नब्ज को छुआ है जिसे वैश्विक स्तर पर ड्रग सरगना और आतंकी दाऊद इब्राहिम, कई राजनेताओं, ड्रग व बॉलीवुड नेक्सस द्वारा संचालित किया जाता है।

जहाँगीर पीछे देखो, पैंट पहनो, आगे इधर आओ: ‘छोटू’ बोलकर भारतीय सुरक्षाबल ने करवाया आतंकी से सरेंडर

यह वीडियो मध्य कश्मीर के बडगाम में हुए मुठभेड़ का है। जहाँ सुरक्षा बलों ने वीडियो में नजर आ रहे आतंकी को हथियार समेत जिंदा पकड़ा, उससे सरेंडर करवाया और मानवता की मिसाल पेश की।

RSS के विकिपीडिया पेज से छेड़छाड़, इस्लामी यूजर ने लिख दिया ‘हिंदू आतंकी संगठन’

विकिपीडिया पर छेड़छाड़ Ahmedfalah7711 नामक अकाउंट से किया गया। इसी अकाउंट से RSS को 'आतंकी संगठन' लिखा गया।

विडियो में दिख रहा है कमलेश तिवारी का संदिग्ध हत्यारा, यहाँ देखें

कमलेश तिवारी के कार्यालय में उनकी मेज पर पीले रंग की पॉलीथीन मिली है, और इस विडियो में संदिग्ध हत्यारे के हाथ में वही पॉलीथीन देखी जा सकती है।

उत्तराखंड के मंदिरों, रेलवे स्टेशनों पर 13 मई को आतंकी हमले की धमकी, अलर्ट जारी

बृहस्पतिवार (अप्रैल 19, 2019) को रेलवे स्टेशन अधीक्षक एसके वर्मा के घर डाक से एक पत्र पहुँचा। उनकी पत्नी ने पत्र खोलकर पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक को सूचना दी तो वे घर पहुँचे। जब उन्होंने पत्र पढ़ा तो उसमें लश्कर-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम का जिक्र था।

आतंकी यासीन मलिक के JKLF की कुंडली- मकबूल बट, मंदिर में नमाज, टिकालाल, जस्टिस नीलकंठ गंजू…

सन 1989-90 के दौरान कश्मीरी पंडितों को घाटी से पलायन करने पर मजबूर करने के लिए की गयी यह पहली हत्या थी। पंडितों के सर्वमान्य नेता पं० टपलू को मार कर अलगाववादियों ने स्पष्ट संकेत दे दिया था कि अब कश्मीर घाटी में ‘निज़ाम-ए-मुस्तफ़ा’ ही चलेगा।

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