Sunday, April 5, 2020

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आपातकाल

जब इंदिरा गाँधी ने JNU की गुंडागर्दी पर लगा दिया था ताला: धरी रह गई थी नारेबाजी और बैनर की राजनीति

जेएनयू छात्रों की हड़ताल में जर्मन कोर्स की एक छात्रा शामिल नहीं होना चाहती थी, इसलिए वह क्लास करने के लिए जर्मन फैकल्टी की ओर बढ़ी। उसका नाम था मेनका गाँधी- संजय गाँधी की पत्नी और इंदिरा गाँधी की बहू।

सर, मर चुके सांसदों के बीच लोकतंत्र भी मर गया: तानशाही को आज ही के दिन स्वामी ने मारा था ‘तमाचा’

पुलिस को चकमा दे स्वामी राज्यसभा में पहुँच चुके थे। सभापति बीडी जत्ती पिछले सत्र में मृत हुए सदस्यों की सूची पढ़ रहे थे। उनके खत्म करने से पहले ही स्वामी ने टोका, "सर, इस सूची में एक और नाम है। इन सत्रों के बीच लोकतंत्र भी मर गया है। इसलिए उसका नाम भी आपको शामिल करना चाहिए।"

‘आपातकाल से जनता नाराज़ नहीं थी’: रेंगने का सपना पाले Scroll के पत्रकार शोएब के दावे का सच

'स्क्रॉल' को आपातकाल वाली फैंटसी पूरी करनी है। उसका सपना है कि काश कोई इंदिरा आज आपातकाल लगा कर उसे झुकने को कहे और वह रेंगने लगे। अंडमान-निकोबार से आँकड़े निकाल कर यह साबित किया जा रहा है कि आपातकाल से पूरा देश ख़ुश था।

इंदिरा, आपातकाल और RSS: जब सुप्रीम कोर्ट के जज ने याद किया संघ का योगदान

कुछ दिनों पहले ही सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस के टी थॉमस आरएसएस को आपातकाल से मुक्त कराने वाला बता चुके हैं। संघ के तृतीय वर्ष शिविर में उन्होंने कहा- "अगर किसी संगठन को आपातकाल से देश को मुक्त कराने के लिए क्रेडिट दिया जाना चाहिए, तो मैं आरएसएस को दूंगा।”

नफ़रतों के तीर खा कर, दोस्तों के शहर में, हमने आपातकाल पुकारा (भाग 1)

सरकार डरा रही है, तो आप मत डरिए। आप अपनी स्टोरी कीजिए और आगे बढ़िए। सबूत होंगे तो देश का सुप्रीम कोर्ट चार बजे सुबह में भी खुलता है, आतंकियों के लिए। आप तो फिर भी पत्रकार हैं!

बिहार में कॉन्ग्रेस का हाथ थाम राजनीति करने वाली मीसा रामकृपाल का हाथ क्यों काटना चाहती हैं?

मीसा को आज हम जिस रूप में देख रहे हैं, दरअसल वो लालू यादव की ही देन है। एक कहावत 'बापे पूत परापत घोड़ा, नै कुछ तो थोड़म थोड़ा' लालू जी के प्रदेश में खूब बोला जाता है। मतलब बच्चों पर कुछ न कुछ असर तो अपने पिता का पड़ता ही है

ताज़ा ख़बरें

इटली द्वारा डोनेट किए गए माल को वापस उसे ही बेच डाला: कोरोना प्रकोप के बीच चीन का बिज़नेस मॉडल

ये पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह की हरकत की है। कुछ ही दिनों पहले स्पेन ने चीन से 467 मिलियन यूरो के चिकित्सा उपकरण खरीदे थे, जिसमें 950 वेंटिलेटर्स, 5.5 मिलियन टेस्टिंग किट्स, 11 मिलियन ग्लव्स और 50 करोड़ से ज्यादा फेस मास्क शामिल थे। इन खरीदी गईं मेडिकल टेस्टिंग किट्स व उपकरणों में से ज्यादातर किसी काम के नहीं थे।

हॉस्पिटल से भड़काऊ विडियो बना भेज रहे थे मुल्तानी परिवार के 4 कोरोना+, इंदौर में अब तक 128 मामले

एक अप्रैल को शहर के जिस इलाके में डॉक्टरों पर पथराव किया गया था वहॉं से 10 संक्रमित मिले हैं। मरने वालों में 42 वर्षीय व्यक्ति से लेकर 80 साल की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं। इस बीच एक संक्रमित लड़की के लिफ्ट लेकर अस्पताल से घर पहुॅंच जाने का मामला भी सामने आया है।

मुसलमान होने के कारण गर्भवती को अस्पताल से निकाला? कॉन्ग्रेसी मंत्री के झूठ को खुद महिला ने दिखाया आइना

गर्भवती के साथ मौजूद औरत ने साफ़-साफ़ कहा कि डॉक्टर ने उन्हें तुरंत वहाँ से चले जाने को कहा क्योंकि मरीज की स्थिति गंभीर थी और देरी होने पर मरीज व पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान हो सकता था।

लेटरहेड पर राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल: पूर्व त्रिपुरा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पर FIR

रॉय के लेटरहेड में देखा जा सकता है कि फिलहाल वो किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं। बावजूद वह अपने लेटरहेड पर राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। कानूनन किसी व्यक्ति और निजी संगठन के लिए इसका उपयोग प्रतिबंधित है।

कश्मीर में पिता को दिल का दौरा, मुंबई से साइकिल पर निकल पड़े आरिफ: CRPF और गुजरात पुलिस बनी फरिश्ता

आरिफ ने बताया कि वो रात भर साइकिल चला कर गुजरात-राजस्थान सीमा तक पहुँचे थे। अगली सुबह गुजरात पुलिस के कुछ जवान उन्हें मिले। उन्होंने उनके लिए न सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर जाने का प्रबंध किया, बल्कि भोजन की भी व्यवस्था की।

प्रचलित ख़बरें

फलों पर थूकने वाले शेरू मियाँ पर FIR पर बेटी ने कहा- अब्बू नोट गिनने की आदत के कारण ऐसा करते हैं

फल बेचने वाले शेरू मियाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसमें वो फलों पर थूक लगाते हुए देखे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी बेटी फिजा का कुछ और ही कहना है।

वैष्णो देवी गए 145 को हुआ कोरोना: पत्रकार अली ने फैलाया झूठ, कमलेश तिवारी की हत्या का मनाया था जश्न

कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें 'फँसा हुआ' बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में 'छिपा हुआ' कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।

नर्सों के सामने नंगे हुए जमाती: वायर की आरफा खानम का दिल है कि मानता नहीं

आरफा की मानें तो नर्सें झूठ बोल रही हैं और प्रोपेगेंडा में शामिल हैं। तबलीगी जमात वाले नीच हरकत कर ही नहीं सकते, क्योंकि वे नि:स्वार्थ भाव से मजहब की सेवा कर रहे हैं। इसके लिए दुनियादारी, यहॉं तक कि अपने परिवार से भी दूर रहते हैं।

मधुबनी, कैमूर, सिवान में सामूहिक नमाज: मस्जिद के बाहर लाठी लेकर औरतें दे रही थी पहरा

अंधाराठाढ़ी प्रखंड के हरना गॉंव में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। यहॉं से तबलीगी जमात के 11 सदस्य क्वारंटाइन में भेजे गए हैं। बताया जाता है कि वे भी नमाज में शामिल थे। पुरुष जब भीतर नमाज अदा कर रहे थे दर्जनों औरतें लाठी और मिर्च पाउडर लेकर बाहर खड़ी थीं।

हिन्दू %ट कबाड़ रहे हैं, तुम्हारी पीठ पर… छाप दूँगा: जमातियों की ख़बर से बौखलाए ज़ीशान की धमकी

"अपनी पीठ मजबूत करके रखो। चिंता मत करो, तुम्हारी सारी राजनीति मैं निकाल दूँगा। और जितनी %ट तुम्हारी होगी, उतना उखाड़ लेना मेरा। जब बात से समझ न आए तो लात का यूज कर लेना चाहिए। क्योंकि तुम ऐसे नहीं मानोगे।"

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