Tuesday, April 20, 2021

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आपातकाल

‘आपातकाल छल था, संविधान पर सबसे बड़ा हमला था’: 94 साल की विधवा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने 94 साल की वीरा सरीन की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। सरीन ने 1975 में घोषित आपातकाल को 'पूरी तरह असंवैधानिक' घोषित करने की गुहार शीर्ष अदालत से लगाई है।

‘इंदिरा सरकार के कारण देश छोड़ना पड़ा, पति ने दम तोड़ दिया’: आपातकाल के जख्म लेकर 94 साल की विधवा पहुँचीं सुप्रीम कोर्ट

आजाद भारत के इतिहास में आपातकाल का काला दौर आज भी लोगों की स्मृतियों से धुँधला नहीं हुआ है। यही वजह है कि 94 साल की विधवा वीरा सरीन 45 साल बाद इंसाफ माँगने सुप्रीम कोर्ट पहुँची हैं।

अर्णब की गिरफ्तारी में इंदिरा के निरंकुश शासन की झलक है, प्रेस की आजादी बचाने के लिए विरोध जरूरी

अर्णब के साथ महाराष्ट्र सरकार और वहाँ की पुलिस द्वारा जिस तरह दुव्यर्वहार किया गया है, यह बेहद निंदनीय है। यह 1975 में आपातकाल की याद दिलाता है।

जनसंघ: ‘राष्ट्रवाद’ को आवाज देने वाला पहला राजनीतिक दल, जिसके कार्यकर्त्ता सीमा से सियासत तक डटे रहे

1962 में चीन और 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में जनसंघ और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने सिविक और पुलिस ड्यूटी का किरदार निभाया था।

‘मनमाना फैसला न आने पर कॉन्ग्रेसी गिरोह ने हमेशा न्यायपालिका के खिलाफ अभियान चलाकर उसे कमजोर किया’

कॉन्ग्रेस के यह फैसले न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर स्पष्ट हमला थे। SC के जजों के निष्कासन को सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस और वाम दलों ने पूरी तरह से सही ठहराया था।

‘लोकतंत्र की हत्या करने वाले कूड़ेदान में…’ – आपातकाल के बाद अटल बिहारी वाजपेयी का रामलीला मैदान वाला भाषण

"देश में जो कुछ हुआ, उसे केवल चुनाव नहीं कह सकते हैं। एक शांतिपूर्ण क्रांति हुई है, लोक शक्ति की लहर ने लोकतंत्र की हत्या करने वालों को..."

UP के देवेंद्र और भोला पांडे: इंदिरा गाँधी के लिए विमान अगवा किया तो कॉन्ग्रेस ने बना दिया MP-MLA

देवेंद्र और भोला पांडे ने जिस विमान को अगवा किया उसमें 132 लोग सवार थे। उसे दिल्ली की जगह वाराणसी ले गए और इंदिरा गॉंधी की रिहाई मॉंगी।

‘राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा की है, लोगों को डरने की जरूरत नहीं’ – यूँ शुरू हुआ था दमन का दौर

"गरीबी हटाने" वाली इंदिरा ने लोकतंत्र हटा दिया। आपातकाल इंदिरा गाँधी ने अपनी गद्दी बचाने को सत्ता मोह में लगाया l 'इंदिरा इज इंडिया' को...

इंदिरा गाँधी अपदस्थ: आज ही के दिन जस्टिस सिन्हा ने ‘फासीवादियों’ के दबाव के बावजूद सुनाया था ऐतिहासिक फैसला

इस कदम ने इंदिरा गाँधी को और भी अधिक निरंकुश बना दिया था। फिर पत्रकारों की गिरफ्तारी से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं के खून से लोकतंत्र के इतिहास का सबसे कलंकित अध्याय लिखा गया।

इमरजेंसी में स्नेहलता, आज अर्नब: विरोधियों के दमन का कॉन्ग्रेसी तरीका

वो कॉन्ग्रेस के इमरजेंसी का समय था। विरोध के कारण अभिनेत्री स्नेहलता को जेल में ऐसी यातनाएँ दी गईं कि उनकी मौत हो गई। अब अर्नब को...

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