Monday, October 25, 2021

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आयुर्वेद

क्या गिलोय के सेवन से हो रहा लीवर फेल? आयुष मंत्रालय ने खोली नए अध्य्यन की पोल: जानें क्या है सच्चाई

यह स्टडी जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हेपेटोलॉजी में प्रकाशित हुई थी। इसका शीर्षक 'कोविड-19 महामारी में हर्बल इम्यून बूस्टर-इंड्यूस्ड लीवर इंजरी- एक केस सीरीज' था।

‘ड्रग माफिया’ बयान पर बाबा रामदेव ने दी सफाई, FAIMA के लीगल नोटिस को भी बताया गलत

बाबा रामदेव ने नोटिस के जवाब में कहा कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर ले जाया गया। वह केवल प्रयोगात्मक चिकित्सा के अत्यधिक उपयोग पर सवाल उठा रहे थे।

लोगो में ईसाई धर्म… बात विज्ञान की: 600 साल पहले रचा गया था प्रपंच, महामारी में WHO-IMA बढ़ा रहा उसी को आगे

WHO स्वास्थ्य की दुनिया की सबसे बड़ी संस्था- विज्ञान और तर्कों पर आधारित। लेकिन लोगो में ईसाई देवता... यानी धार्मिक उपनिवेशवाद!

एक अस्पताल ऐसा भी: इलाज के दौरान किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं, 94% का आयुर्वेदिक उपचार

कोरोना मरीजों के लिए 47 बेड वाले इस अस्पताल में इलाज आयुर्वेदिक दवा और योग के सहारे किया जाता है।

IMA के डॉक्टर ने ही ईसाई धर्मांतरण पर चीफ जॉन जयलाल का माँगा इस्तीफा, आयुर्वेद को सराहा

"आखिर कैसे कोई व्यक्ति IMA जैसी संस्था के शीर्ष पद पर बैठ कर ईसाई धर्मांतरण के कटु एजेंडे को बढ़ावा दे सकता है?"

IMA प्रमुख डॉ. जॉनरोज ऑस्टिन जयलाल: हिंदुओं को ईसाई बनाने की चाहत, PM मोदी से है सख्त नफरत, जानें उनका ‘काला चिट्ठा’

डॉ JA जयलाल लगातार PM मोदी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, CM योगी सहित बीजेपी नेताओं पर निशाना साधते हुए अपनी विचारधारा को उजागर करने वाली खबरें (कुछ तो फेक भी), कार्टून और हैशटैग साझा करते रहे हैं। जिसे देखकर आप चौक जाएँगे।

‘एक ऐसी महामारी जो…’: चरक ने हजारों साल पहले चेताया था, पर वायरस की जगह आयुर्वेद से लड़ रहा IMA

जब IMA लड़ाई को एलोपैथ बनाम आयुर्वेद बनाने में जुटा है, यह जानना जरूरी हो जाता है कि संक्रामक रोगों के बारे में आयुर्वेद कहता क्या है?

विकिपीडिया ने आयुर्वेद को बताया अवैज्ञानिक, आक्रोशित छात्रों ने चलाया ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान

विकिपीडिया पर आयुर्वेद को 'अवैज्ञानिक' बताया गया है, जिसे लेकर आयुर्वेद के छात्रों में खासा रोष है और ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान चलाया है।

आतंकियों की तरह FIR, क्या आयुर्वेद पर काम करना गुनाह है? – बाबा रामदेव ने पूछा- ‘सिर्फ कोट-टाई वाले करेंगे रिसर्च?’

कोरोनिल पर दुष्प्रचार और दर्ज किए गए कई FIR पर बोलते हुए बाबा रामदेव ने पूछा कि कोट-टाई वालों को रिसर्च का हक़ है, धोती वालों को नहीं है?

क्या वाकई ‘कोरोनिल’ बेचने के​ लिए रामदेव को प्रचार की जरूरत है?

शुक्र मनाइए कि रामदेव बनिया बन गए तो कई मीडिया हाउस चल रहे हैं। जरा मीडिया कंपनी के मालिकों से पूछिए कि नोटबंदी के बाद रामदेव के विज्ञापन का सहारा न होता तो उनका क्या हुआ होता?

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