Friday, August 6, 2021

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दिनेश लाल यादव निरहुआ

कोलकाता की झुग्गियों से भोजपुरी के फलक तक, असाधारण है मृदुभाषी निरहुआ का सफर और व्यक्तित्व

कोलकाता की गलियों में बड़े हो रहे निरहुआ के पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे। उनका बचपन कोलकाता की झुग्गियों में बीता लेकिन आज वो भोजपुरी सिनेमा के फलक का ध्रुवतारा हैं। अब निरहुआ ने भोजपुरी सिनेमा को अश्लीलता से मुक्त करने का संकल्प लिया है।

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