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13 छात्राओं को मिली TMC की रैली में न जाने की ‘सज़ा’, घंटों टॉयलेट में लॉक कर के रखा: साँस की तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती

इन छात्राओं ने पड़ोस में रहने वाले एक शख्स को बुलाया, जिसके आकर दरवाजा खोला। इसके बाद पीड़ित छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन्होंने डर के कारण मीडिया के सामने कुछ नहीं कहा।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित RG Kar मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के बलात्कार एवं हत्या के बाद पूरा राज्य उबल रहा है। डॉक्टरों के बाद युवाओं और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, फिर भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया, कॉन्ग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन किया। अब तृणमूल कॉन्ग्रेस की युवा यूनिट TNCP (तृणमूल स्टूडेंट्स कॉन्ग्रेस) की 13 छात्राओं को टॉयलेट में कैद किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन छात्रों ने संगठन के कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया था।

शुक्रवार (30 अगस्त, 2024) को संगठन ने एक मार्च का आयोजन किया था, जिसमें ये छात्राएँ नहीं गईं। इसके बाद उन्हें कॉमन रूम के टॉयलेट में लॉक कर दिया गया। कई घंटों तक बाथरूम में कैद रहने के कारण इन महिलाओं की तबीयत भी खराब हो गई। इन्हें सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उधर TMCP नेताओं ने इन आरोपों से इनकार किया है। नॉर्थ बंगाल डेवलपमेंट मिनिस्टर उदयन गुहा भी उक्त कॉलेज की प्रशासक समिति में शामिल हैं।

वो उदयन गुहा ही हैं जिन्होंने विरोध प्रदर्शनों को लेकर कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ उठने वाली उँगलियों को तोड़ डाला जाएगा। कॉलेज के प्रधानाध्यापक अब्दुल अवल ने इस घटना पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। दिनहाटा पुलिस थाने ने बताया है कि उन्हें घटना की सूचना मिली है, लेकिन लड़कियों के परिजनों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। RG Kar मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस की छात्र यूनिट ने राज्य भर में मार्च बुलाया था। इसमें जाने से इनकार करने पर इन छात्राओं को लॉक कर दिया गया।

इसके बाद इन छात्राओं ने पड़ोस में रहने वाले एक शख्स को बुलाया, जिसके आकर दरवाजा खोला। इसके बाद पीड़ित छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन्होंने डर के कारण मीडिया के सामने कुछ नहीं कहा। एक लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को पहले से ही साँस लेने में तकलीफ थी। लंबे समय तक खाना न खाने के कारण भी छात्राओं की तबीयत बिगड़ी। TMCP नेता आमिर आलम ने कहा कि छात्राएँ खुद ही बीमार पड़ी हैं। वहीं ABVP ने जाँच में कोताही का आरोप लगाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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