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विदेश जाने से पहले नहीं लेना होगा कोई टैक्स सर्टिफिकेट, फैलाई जा रही झूठी खबर: जानें क्या है नियम, किस पर होता है लागू

टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट, देश की टैक्स एजेंसियों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र होता है। इसके अंतर्गत एजेंसियाँ प्रमाणित करती हैं कि जिस भी व्यक्ति को यह दिया जा रहा है, उसने भारत के भीतर नियमानुसार अपने सारे टैक्स भर दिए हैं और उसका कोई भी बकाया भारत छोड़ने से पहले नहीं है।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट के अंतर्गत विदेश यात्रा के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति भारत छोड़ कर बाहर जा रहा है, तो उसे टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट में अब काले धन ना होने के संबंध में भी अनुमति लेनी पड़ेगी। हालाँकि, यह नियम भारतीय नागरिकों पर लागू नहीं होगा। लेकिन कई जगह इसे इस तरह प्रचारित किया जा रहा है कि अब भारतीय नागरिकों को विदेश यात्रा पर जाने से पहले टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा।

इस नए नियम को गलत संदर्भ में पेश करके यह दिखाया जा रहा है कि यदि कोई भी भारतीय, विदेश यात्रा पर जाता है तो उसे नए बजट के बाद अब टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा। हालाँकि, इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। दरअसल, यह नियम पहले से हैं और इनमें केवल एक बदलाव अब किया गया है।

क्या होता है टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट?

टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट, देश की टैक्स एजेंसियों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र होता है। इस संबंध में नियम इनकम टैक्स एक्ट के अनुच्छेद 230 में बताए गए हैं। इसके अंतर्गत एजेंसियाँ प्रमाणित करती हैं कि जिस भी व्यक्ति को यह दिया जा रहा है, उसने भारत के भीतर नियमानुसार अपने सारे टैक्स भर दिए हैं और उसका कोई भी बकाया भारत छोड़ने से पहले नहीं है।

यह टैक्स सर्टिफिकेट, आयकर आयुक्त के जरिए जारी होता है। इसके पहले आवेदन कर्ता को अपने सभी टैक्स जमा करके प्रमाण सहित आवेदन करना होता है। इसके अंतर्गत इनकम टैक्स, सम्पत्ति टैक्स, गिफ्ट टैक्स समेत अन्य टैक्स जमा करने का प्रमाण दिखाना होता है। यह व्यवस्था लम्बे समय से जारी है।

क्या बदलाव किया गया है?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करने के दौरान टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट सम्बन्धित एक नए नियम का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत ऊपर बताए गए टैक्स के जमा होने के साथ ही इस बात को प्रमाणित करना होगा कि देश छोड़ने वाले ने सारी कमाई वैध माध्यमों से की है और उसने कोई भी काला धन अर्जित नहीं किया है। काले धन को रोकने से सम्बन्धित यह नियम 1 अक्टूबर, 2024 से लागू किए जाएँगे। अक्टूबर तक भारत से बाहर जाने वालों को पुरानी प्रक्रिया से ही गुजरना होगा।

किसे देना होगा यह सर्टिफिकेट?

इस सर्टिफिकेट का भारतीय नागरिकों से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अंतर्गत सारे नियम ऐसे लोगों पर लागू होते हैं जो विदेशी नागरिक हैं लेकिन भारत में आकर धन अर्जित कर रहे हैं। उनका पैसा कमाने का यह तरीका कोई व्यापार भी हो सकता है और नौकरी भी हो सकती है।

इसके अंतर्गत यदि कोई भी विदेश से आया पैसा कमाने के बाद व्यक्ति भारत से बाहर अपने देश जाता है तो उसे यह सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके अलावा यदि वह व्यक्ति भारत में नहीं रहता लेकिन भारत से आय अर्जित करता है तो उसे भी भारत यात्रा के बाद यह सर्टिफिकेट लेना होगा।

यानी यदि कोई भारतीय नागरिक विदेश की यात्रा करता है तो उसे इस सर्टिफिकेट को लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। ऐसे में यह दावा कि देश के नागरिकों को भारत से बाहर यात्रा करने से पहले अब इनकम टैक्स सर्टिफिकेट लेना होगा, सरासर गलत है।

हालाँकि, ऐसे मामलों में जहाँ यह टैक्स एजेंसियों को यह शक हो कि किसी नागरिक ने टैक्स नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके यह सर्टिफिकेट लेने के आदेश दिए जा सकते हैं। इसके अलावा इस सर्टिफिकेट की आवश्यकता ऐसे लोगों को भी पड़ सकती है जो भारत छोड़ विदेश में बस रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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