विषय: Congress Party

स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर जिसके चुनाव प्रचार में गईं वही हार गया: कई बड़े ब्रांड्स ने किया किनारा, छलका दर्द

यह किसी से छुपा नहीं है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को हटाने के लिए स्वरा भास्कर ने सारी हदें पार कर दी थीं, ट्विटर पर लोगों ने स्वरा को टारगेट करके पनौती तक लिख दिया था।
शीला दीक्षित के बेटे संदीप ने पीसी चाको को भेजा कानूनी नोटिस

शीला दीक्षित की मौत के जिम्मेदार चाको: संदीप के आरोप के बाद कॉन्ग्रेस में उठी इस्तीफे की माँग

इसी मामले को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं ने आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस कर पीसी चाको के इस्तीफे की भी माँग की है, मगर इस पूरे मामले की जड़ यानी जिस चिट्ठी के चलते पूरा विवाद शुरू हुआ है उसमें ऐसा क्या लिखा है इस मुद्दे पर दोनों में से किसी ने भी अभी तक खुलकर कोई बात नहीं कही है।
प्रियंका गाँधी

प्रियंका गाँधी को सलाह देने की मेरी हैसियत नहीं: पूर्व सांसद ने सलाहकार बनने से किया इनकार

सांसद राजेश मिश्रा ने पार्टी को देश के मौजूदा राजनीतिक परिवेश में आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए महासचिव प्रियंका गाँधी के सलाहकार का दायित्व संभालने से इनकार कर दिया है। राजेश मिश्रा ने कहा कि उनकी हैसियत प्रियंका गाँधी को सलाह देने की नहीं है ।
मार्क टली

BBC दिल्ली के पूर्व प्रमुख ने कॉन्ग्रेस की ‘धर्मनिरपेक्षता’ पर उठाए सवाल, हिंदुओं की उपेक्षा पर लताड़ा

ब्रिटिश होने के बावजूद टली भारत की वास्तविकताओं को उस राजनीतिक दल से कहीं अधिक समझते हैं जिसने दशकों तक देश पर शासन किया है। जिस हकीकत को टली जैसे विदेशी समझ लेते हैं वह कॉन्ग्रेस क्यों नहीं समझ पाती है, ये पूरी तरह से समझ से परे है।
अलका लांबा

कॉन्ग्रेस में लौट सकती हैं AAP विधायक अलका लांबा, सोनिया गाँधी से की मुलाकात

लांबा ने बीते दिनों ट्वीट कर कहा था, "आम आदमी पार्टी में सम्मान से समझौता करके रहने से बेहतर है कि मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दूँ और अगला चुनाव चाँदनी चौक विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लडूँ।"

PM मोदी पर कॉन्ग्रेस दो फाड़: जयराम, थरूर, सिंघवी के खिलाफ कई नेताओं ने खोला मोर्चा

पिछले दिनों जयराम रमेश ने कहा था कि पीएम मोदी के शासन का मॉडल पूरी तरह नकारात्मक गाथा नहीं है। उनके काम को स्वीकार नहीं करना और हर समय खलनायक की तरह पेश कर कुछ हासिल नहीं होने वाला है। सिंघवी और थरूर ने उनके बयान का समर्थन किया था।
बी एस येदियुरप्पा

CBI करेगी कुमारस्वामी सरकार के दौरान हुई फोन टैपिंग के आरोपों की जाँच: CM येदियुरप्पा ने लिया फैसला

‘‘टेलीफोन टैपिंग के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस विधायक दल के नेता सिद्दरमैया समेत कई नेताओं ने कहा कि इसकी जाँच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए, इसलिए मैंने सीबीआई जाँच का आदेश देने का फैसला किया है।”
अधीर रंजन चौधरी

गाँधी-नेहरू नाम काफी नहीं, क्षेत्रीय दलों के मरने पर ही जिंदा होगी कॉन्ग्रेस: अधीर रंजन चौधरी

‘‘गाँधी परिवार से बाहर किसी व्यक्ति का पार्टी का नेतृत्व करना वास्तव में मुश्किल होगा। राजनीति में भी ‘ब्रांड इक्विटी’ होती है। अगर आप अभी भाजपा को देखेंगे तो क्या मोदी और शाह के बिना वह सुचारू रूप से चल सकती है? जवाब है नहीं। इसी तरह...”
पी चिदंबरम

‘सुधरेंगे नहीं कॉन्ग्रेसी’: चिदंबरम बोले- J&K मुस्लिम बहुल, इसलिए हटाया Article 370

इस बयान को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने चिदंबरम को आड़े हाथों लिया है। यूजर्स ने कहा है कि पार्टी के गर्त में पहुॅंचने के बाद भी कॉन्ग्रेसी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। कुछ लोगों ने कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति पर सवाल उठाए हैं, तो कुछ ने चिदंबरम से पूछा है कि यदि जम्मू-कश्मीर हिन्दू बहुल राज्य होता तो क्या नेहरू आर्टिकल 370 की सौगात देते?
संबित पात्रा

‘यह वो म्यूजिकल चेयर है, जिसमें सिर्फ गाँधी परिवार के सदस्यों के लिए ही म्यूजिक बजता है’

"यह परिक्रमा राहुल गाँधी से शुरू होकर सोनिया गाँधी तक और सोनिया गाँधी से शुरू होकर राहुल गाँधी पर जाकर खत्म होती है। ये दर्शाता है कि कॉन्ग्रेस के लिए राहुल गाँधी एक बड़ी भूल हैं।"
ghulam nabi azad

कॉन्ग्रेस सांसदों के बयान का प्रयोग कर पाकिस्तानी मंत्री कर रहा भारत को घेरने की कोशिश

“मोदी सरकार कश्मीर को दूसरा फिलिस्तीन बनाना चाहती है। वह वहाँ की जनसांख्यिकी में बदलाव करने के लिए बाकी लोगों को कश्मीर में बसाना चाहती है। सांसदों को तुच्छ मुद्दों पर लड़ना बंद करके भारत को खून, आँसू और पसीने से जवाब देना चाहिए और अगर जंग थोपी जाए तो हमें जंग के लिए तैयार रहना चाहिए।”
अमित शाह

तीन तलाक पर कानून नए युग का आरंभ और वोट बैंक की राजनीति के अंत की शुरुआत: अमित शाह

गृह मंत्री ने कॉन्ग्रेस के दिनों को याद करते हुए लिखा कि तीन दशक पूर्व एक अवसर तब आया था, जब शाहबानो मामले में 400 से अधिक सांसदों वाली कॉन्ग्रेस मुस्लिम महिलाओं को इस दंश से मुक्त करा सकती थी। मगर, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, मौलवियों और वोट बैंक की राजनीति के दबाव में आकर एक नया कानून लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया।

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