विषय: Congress Party

अधीर रंजन चौधरी

गाँधी-नेहरू नाम काफी नहीं, क्षेत्रीय दलों के मरने पर ही जिंदा होगी कॉन्ग्रेस: अधीर रंजन चौधरी

‘‘गाँधी परिवार से बाहर किसी व्यक्ति का पार्टी का नेतृत्व करना वास्तव में मुश्किल होगा। राजनीति में भी ‘ब्रांड इक्विटी’ होती है। अगर आप अभी भाजपा को देखेंगे तो क्या मोदी और शाह के बिना वह सुचारू रूप से चल सकती है? जवाब है नहीं। इसी तरह...”
पी चिदंबरम

‘सुधरेंगे नहीं कॉन्ग्रेसी’: चिदंबरम बोले- J&K मुस्लिम बहुल, इसलिए हटाया Article 370

इस बयान को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने चिदंबरम को आड़े हाथों लिया है। यूजर्स ने कहा है कि पार्टी के गर्त में पहुॅंचने के बाद भी कॉन्ग्रेसी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। कुछ लोगों ने कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति पर सवाल उठाए हैं, तो कुछ ने चिदंबरम से पूछा है कि यदि जम्मू-कश्मीर हिन्दू बहुल राज्य होता तो क्या नेहरू आर्टिकल 370 की सौगात देते?
संबित पात्रा

‘यह वो म्यूजिकल चेयर है, जिसमें सिर्फ गाँधी परिवार के सदस्यों के लिए ही म्यूजिक बजता है’

"यह परिक्रमा राहुल गाँधी से शुरू होकर सोनिया गाँधी तक और सोनिया गाँधी से शुरू होकर राहुल गाँधी पर जाकर खत्म होती है। ये दर्शाता है कि कॉन्ग्रेस के लिए राहुल गाँधी एक बड़ी भूल हैं।"
ghulam nabi azad

कॉन्ग्रेस सांसदों के बयान का प्रयोग कर पाकिस्तानी मंत्री कर रहा भारत को घेरने की कोशिश

“मोदी सरकार कश्मीर को दूसरा फिलिस्तीन बनाना चाहती है। वह वहाँ की जनसांख्यिकी में बदलाव करने के लिए बाकी लोगों को कश्मीर में बसाना चाहती है। सांसदों को तुच्छ मुद्दों पर लड़ना बंद करके भारत को खून, आँसू और पसीने से जवाब देना चाहिए और अगर जंग थोपी जाए तो हमें जंग के लिए तैयार रहना चाहिए।”
अमित शाह

तीन तलाक पर कानून नए युग का आरंभ और वोट बैंक की राजनीति के अंत की शुरुआत: अमित शाह

गृह मंत्री ने कॉन्ग्रेस के दिनों को याद करते हुए लिखा कि तीन दशक पूर्व एक अवसर तब आया था, जब शाहबानो मामले में 400 से अधिक सांसदों वाली कॉन्ग्रेस मुस्लिम महिलाओं को इस दंश से मुक्त करा सकती थी। मगर, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, मौलवियों और वोट बैंक की राजनीति के दबाव में आकर एक नया कानून लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया।
जनार्दन द्विवेदी

खुद की करनी से हारी पार्टी, 10% आरक्षण पर नहीं सुनी थी मेरी बात: कॉन्ग्रेस के पूर्व महासचिव

जनार्दन द्विवेदी ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस संगठन में उन्होंने पूरा जीवन लगाया, उसकी स्थिति देख कर पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि हार के कारण पार्टी के भीतर हैं, न कि बाहर। उन्होंने कहा है कि पार्टी में कई ऐसी बातें हुईं, जिससे वो सहमत नहीं थे और उन्होंने इससे पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया था।
राहुल गाँधी (फाइल फोटो)

बॉलीवुड हीरोइन ने कॉन्ग्रेस नेताओं को बताई हार की वजह, पत्र लिख कर पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप

उर्मिला का कहना है कि कोंडविलकर जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को जुटाने में असफल रहे। वहीं, भूषण पाटिल जैसे अन्य प्रमुख पदाधिकारी ब्लॉक स्तर और वार्ड स्तर पर पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक, प्रचारसभा, पदयात्रा आयोजित करने में विफल रहे।
राहुल गाँधी

₹50 हजार-1 लाख में बेचे गए राहुल गाँधी की प्रेस मीट के पास: कॉन्ग्रेस नेता ने लगाया गंभीर आरोप

त्यागराजन ने तमिलनाडु कॉन्ग्रेस कमिटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर गोपन पर राहुल गाँधी के प्रेस मीट को 50,000 रुपए से 1,00,000 रुपए में बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।
पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव

नरसिम्हा राव के पोते ने कहा: माफ़ी माँगें सोनिया और राहुल

भारत के नौवें प्रधानमंत्री राव ने जून 1991 में पदभार ग्रहण किया और मई 1996 तक सत्ता में रहे। उन्हें देश में विशेष रूप से लाइसेंस राज को ख़त्म करने और कई आर्थिक सुधार करने का श्रेय दिया जाता है। छ: बार सांसद रहे राव ने 2004 में 83 वर्ष की आयु में अंतिम साँस ली।
शिवराज सिंह चौहान

चूहे की तरह भागते राहुल को शिवराज ने कहा कॉन्ग्रेस के जहाज को छोड़ने वाला पहला शख़्स

शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘‘हमने सुना है कि जब कोई जहाज डूब रहा होता है, तो वह कैप्टन होता है, जो उसे बचाने के लिए अंत तक उस पर रहता है। लेकिन कैप्टन (राहुल गाँधी) कॉन्ग्रेस के जहाज से कूदने वाले पहले व्यक्ति हैं।''
मणिशंकर अय्यर

कॉन्ग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने लाइव डिबेट में अय्यर को लगाई लताड़, हार के लिए ठहराया जिम्मेदार

पूनावाला ने मिलिंद देवड़ा और राजीव शुक्ला जैसे नेताओं को बाहर कर कुमार केतकर जैसे बेकार और फालतू नेता को राज्यसभा में भेजने के लिए पार्टी की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा के पूर्वी उत्तर प्रदेश के महासचिव बनाने के फैसले को भी गलत बताया।
सलमान खुर्शीद

मोदी की सुनामी में हम जिन्दा बच गए, यही बड़ी बात है: सलमान खुर्शीद

सलमान खुर्शीद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज तो हम यही जानते हैं कि चुनाव हुआ और चुनाव में पीएम की लोकप्रियता इतनी थी कि उसके सामने कोई खड़ा नहीं हो पाया, लेकिन एक अच्छी बात है कि सुनामी आया, उसने सब कुछ बहा दिया, लेकिन कम से कम हम जिंदा रहे और आपसे बात तो कर सकते हैं।”

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