सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर निर्माण के 5 साल बाद सपा को मंदिर-प्रबंधन की पारदर्शिता की याद क्यों नहीं आई? यह 'चिंता' अचानक तभी क्यों जागी जब 2027 का विधानसभा चुनाव सिर पर है?
कर्नाटक में एसआईआर में गड़बड़ी को लेकर एनडीए नेताओं ने राज्य चुनाव आयोग से शिकायत की है। यहाँ बीएलओ घर-घर न जाकर मस्जिदों, शादी हॉल में अपना काम कर रहे हैं।
पंजाब कॉन्ग्रेस में कलह मची हुई है। राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद चन्नी-बाजवा और रंधावा गुट खुलकर बोल रहे हैं। चन्नी गुट ने तो 'काम करने से मना' कर दिया है।