नाटो की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत कर समझौते पर हस्ताक्षर करने की बात कही। बातचीत को लेकर ईरान की ओर से कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है।
35 मिनट की बातचीत पिछले महीने ऑपरेशन सिंदूर के वक्त जो खबरें आईं थीं उससे संबंधित थीं, जिनमें ट्रंप के एक पोस्ट के बाद धड़ल्ले से चलाया गया कि भारत ने तो ऑपरेशन सिंदूर इसलिए रोका क्योंकि अमेरिका ने हस्तक्षेप किया था।
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस बातचीत ने न सिर्फ भारत की ताकत और संयम दिखाया, बल्कि ये भी साफ कर दिया कि भारत अब अपनी शर्तों पर दुनिया से बात करेगा।