विषय: Jamia Millia Islamia

जामिया मिलिया इस्लामिया

हम अल्लाह को मानते हैं, लोकतंत्र को नहीं: ‘जामिया के विद्यार्थियों’ का ऐलान

शरजील इमाम के समर्थन में जामिया के छात्रों द्वारा रैली निकालने के बाद अब इन छात्रों ने ऐलान किया है कि वो लोकतंत्र को नहीं, अल्लाह को मानते हैं। फेसबुक पर Students of Jamia नाम के पेज ने लिखा है कि ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसुल्लाह, लोकतंत्र के खिलाफ है।
शरजील इमाम, जामिया

हम तुम्हारे साथ हैं: शरजील इमाम के समर्थन में उतरा जामिया, गूँजा ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’

जामिया के छात्रों ने कहा कि माहौल ऐसा बना दिया गया है जैसे शरजील कोई देशद्रोही हो। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि देश में नफरत का माहौल बना दिया गया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शरजील इमाम की विचारधारा से डरते हैं। उन्होंने धमकाया कि हज़ारों शरजील पैदा होंगे।
ऑल्ट न्यूज

फेक न्यूज वाले पत्थर-विज्ञानी गंजे ने बताई पत्थर से वॉलेट बनाने के 101 तरीके

कम बालों वाले प्राणी ने कहा, "मैंने कहा कि वॉलेट है, अब इसमें तुम हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, गूगल, एचडी, क्रोमा, फ्लैट, लीनियर, लहसुन आदि छिड़काव करते हुए हजार शब्दों का आर्टिकल लिखो और साबित करो कि वॉलेट है। और हाँ, मार्च आ रहा है, तुम्हारा इन्क्रीमेंट इसी पर निर्भर करेगा कि ये वॉलेट बन पाता है कि नहीं।"
जामिया हिंसा, शरजील

शरजील ने कबूली हिंसा भड़काने की बात, चार्जशीट हुई फाइल: ‘कन्हैया परमिशन’ में फिर उलझाएँगे केजरीवाल?

CAA के नाम पर दिल्ली जामिया नगर इलाके में पिछले वर्ष 15 दिसंबर को हुई हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने जाँच के बाद और शरजील इमाम के कबूलनामे के बाद कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। इस चार्जशीट में 100 गवाहों के बयानों और CCTV फुटेजों को भी शामिल किया गया है।
जामिया लाइब्रेरी कांड

जामिया के PhD दंगाई के हाथ में वॉलेट नहीं पत्थर ही था: AltNews के झूठ की पोल खोलता Video

प्रोपेगेंडा पोर्टल 'ऑल्टन्यूज़' ने दावा किया था कि विडियो में दिख रहे छात्र के हाथ में पत्थर नहीं, वॉलेट है। नए विडियो ने उसे फिर से झूठा साबित किया है। इस विडियो में अन्य छात्रों के हाथ में भी पत्थर दिख रहे हैं।
जामिया लाइब्रेरी विडियो, रवीश कुमार

जामिया विडियो: वामपंथियों की ऐसे लीजिए कि वो ‘दुखवा मैं का से कहूँ’ मोड में आ जाएँ

यहाँ डिफेंड मत कीजिए, सवाल पूछिए और बार-बार पूछिए कि वो कहाँ से आए थे? सवाल पूछिए कि जब उसके हाथ में वॉलेट था तो उसने सारे सोशल मीडिया अकाउंट डीएक्टिवेट क्यों कर लिए? सवाल पूछिए कि पत्थर क्या आसमान से गिरे थे पुलिस पर?
सुपरस्टार रजनीकांत

पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं, हर बात पर विरोध से कब्रगाह बन जाएगा राज्य: जब रजनी ने मीडिया को डपटा

"पुलिसकर्मियों पर हमले किए जाने को कभी सही नहीं ठहराया जा सकता है। वर्दी में ड्यूटी पर लगे पुलिसवालों पर हमले करने के पक्ष में मैं कोई भी तर्क बर्दाश्त नहीं करूँगा। मैं तो कहता हूँ कि इसके बचाव में कोई तर्क हो ही नहीं सकता।"
जामिया हिंसा

पुलिस ने मेरी दोनों टाँगें तोड़ डाली, ₹2Cr मुआवजा दो: HC पहुँचा जामिया का छात्र शय्यान मुजीब

मुजीब ने दावा किया है कि वो लाइब्रेरी में बैठ कर पढ़ाई कर रहा था, तभी पुलिस ने उसकी पिटाई की। उसकी दोनों टाँगें टूट गई। इलाज पर 2.5 लाख रुपए खर्च हुए हैं। उसकी याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है।
जामिया हिंसा विडियो

हाथों में पत्थर लिए जामिया PhD छात्र ने कटाए बाल, दाढ़ी, डिलीट किए अकाउंट: सोशल मीडिया पर वायरल

जामिया हिंसा के विडियो में से एक चेहरा पहचान (सूत्रों के अनुसार) लिया गया है। जिस शख्स का चेहरा वायरल हुआ है, उसका नाम मो. अशरफ भट है। यह जामिया में PhD का स्टूटेंड है। लेकिन फिलहाल गायब है। ऑनलाइन-ऑफलाइन, कहीं भी इसकी कोई जानकारी नहीं है।
जामिया लाइब्रेरी, दिल्ली पुलिस

जामिया का हर वीडियो, हर एंगल: लाइब्रेरी में कब, क्या और कैसे हुआ, साथ में लिबरल गिरोह की नंगई भी

पहले एडिटेड वीडियो के जरिए दिल्ली पुलिस को बदनाम करने और दंगाइयों को पाक-साफ बताने की कोशिश की गई। हालॉंकि समय बीतने के साथ पूरी तस्वीर पलट गई और लिबरलों के प्रपंच का किला रेत की महल के माफिक ढह गया।
रवीश कुमार, जामिया लाइब्रेरी हिंसा

रवीश कुमार नहीं समझ पा रहे जामिया की लाइब्रेरी में क्यों भागे ‘छात्र’: बताने की कृपा करें

रवीश समेत कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस डंडे क्यों मार रही है? भाई, हाथ में पत्थर ले कर घूमने वाले और बसों में आग लगाने वाले छात्र नहीं, फसादी होते हैं। उनसे अपराधियों की तरह ही निपटना चाहिए।
पत्थरबाज जामिया उपद्रवी

हाथ में पत्थर लेकर जामिया की लाइब्रेरी में कौन सी पढ़ाई करने जा रहे ‘छात्र’: नए Video से पलटी पूरी तस्वीर

हाथ में पत्थर लेकर और चेहरे पर नकाब बाँध कर लाइब्रेरी में कौन सी पढ़ाई की जाती है, ये जामिया के उपद्रवी ही बता पाएँगे। वीडियो में कुछ उपद्रवियों को पत्थर लेकर लाइब्रेरी में घुसते हुए देखा जा सकता है। ये वो दंगाई हैं, जो 15 दिसंबर को पुलिस से बचने के लिए यहाँ छिपे थे।

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