न्यूजलॉन्ड्री के पूर्व इंटर्न का कहना है कि अभिनंदन सेखरी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते थे, लेकिन कोई विरोध नहीं कर पाता था। गालियाँ देना वहाँ आम बात थी।
अभिनव पांडे ने झारखंड छात्र विरोध प्रदर्शन के बारे में बात की है, लेकिन न तो इस्तीफे की माँग करने वाला कोई अभियान चलाया गया और न ही हेमंत सोरेन सरकार पर अपने शिक्षा मंत्री को हटाने का दबाव बनाया।
न्यूजलॉन्ड्री ने अपनी रिपोर्ट में शब्दों का ऐसा हेर-फेर किया, जिससे पाठकों को लगे कि दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर पत्थरों से भरा डंपर ट्रक संसद मार्ग थाने के पास खड़ा किया था।
पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने भारत के CJP प्रदर्शन की कवरेज को प्राइम टाइम में जगह दी है। इससे साफ है कि उनके लिए पाकिस्तान की मीडिया भारत की आंतिरक राजनीति में खूब दखल देती है।
इस रिपोर्ट में हम आपको उन पत्रकारों की लिस्ट दे रहे हैं जिनके ऊपर सीजेपी के 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान हमला हुआ या उनके साथ रिपोर्टिंग करते हुए बदसलूकी हुई।