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‘मेक इन इंडिया’ की रफ्तार नहीं पचा पा रही विदेशी मीडिया एजेंसी ‘रॉयटर्स’, भारत में iPhone बनाने वाली Foxconn को महिलाओं के बहाने निशाने पर लिया: सरकार ने दावे नकारे

भारत में मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में बीते कुछ वर्षों में हुई बढ़ोतरी चीन के लिए चिंता का सबब बन रही है। Foxconn का भारत में बढ़ता निवेश चीन को खटक रहा है। भारत ने 2023-24 में 12.1 बिलियन डॉलर (लगबग ₹1 लाख करोड़) के एप्पल के फोन निर्यात किए हैं, यह 2022-23 के मुकाबले दोगुने थे।

भारत में बीते कुछ वर्षों में मेक इन इंडिया योजना ने अच्छी रफ़्तार पकड़ी है। इसके अंतर्गत अब भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा फोन निर्माता देश बन गया है। भारत में विश्व की सबसे बड़ी फोन कम्पनी एप्पल के भी फोन बन रहे हैं और लाखों करोड़ का इनका निर्यात भी हो रहा है। यह बात विदेशी मीडिया को पसंद नहीं आई है, उसने अब भारत में आईफोन का निर्माण करने वाली कंपनी Foxconn को निशाना बनाया है। ऐसी ही एक रिपोर्ट विदेशी मीडिया समूह रायटर्स ने छापी है।

क्या कहती है रायटर्स की रिपोर्ट?

विश्व के बड़े मीडिया समूह रायटर्स ने 25 जून, 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया कि Foxconn तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में स्थित आईफोन प्लांट में विवाहित महिलाओं की भर्ती को लेकर अनियमितताएँ कर रही है। रायटर्स ने आरोप लगाया है कि इस प्लांट में विवाहित महिलाओं को नौकरी नहीं दी जाती। इसको लेकर रायटर्स ने कुछ महिलाओं के इंटरव्यू और भर्ती के पैम्फलेट भी इकट्ठा किए हैं। रायटर्स का आरोप है कि विवाहित महिलाओं को सुनियोजित तरीके से भर्ती प्रक्रिया से बाहर किया जाता है।

रायटर्स का दावा है कि महिलाओं को इस फैक्ट्री में इसलिए नहीं लिया जाता क्योंकि वह सोने-चाँदी के आभूषण पहनती हैं। इसके अलावा उनके पारिवारिक कारणों से छुट्टी लेने की समस्याएँ आती हैं, इसलिए भी उनको फैक्ट्री से दूर रखा जाता है। रायटर्स की रिपोर्ट में दावा है कि Foxconn यहाँ स्वयं ऐसा नहीं करती बल्कि वह जिन एजेंसियों के जरिए कम करने वालों की भर्ती करवाती है, उनके जरिए यह बात मौखिक रूप से स्पष्ट करवा देती है। रायटर्स ने इसे भेदभाव का नाम दिया है।

रायटर्स की रिपोर्ट को सरकार ने नकारा, नहीं मिली गड़बड़ी

रायटर्स के इन दावों को Foxconn ने पहले ही नकार दिया था। Foxconn ने अपने एक बयान में बताया था कि वह ऐसा कोई भेदभाव नहीं करती और इन आरोपों को सिरे से नकारती है। Foxconn ने यह भी बताया था कि उसके यहाँ सभी महिलाओं का काम करने के लिए स्वागत है। उसने यह भी साफ़ किया था कि Foxconn ने हाल ही में जिन महिलाओं की भर्ती की थी, उनमें से 25% विवाहित थीं। Foxconn ने यह भी बताया कि इससे पहले जब ऐसी बात सामने आई थी तो उसने कुछ भर्ती एजेंसियों के साथ काम करना बंद कर दिया था।

रायटर्स की इस रिपोर्ट पर Foxconn के बाद भारत सरकार और तमिलनाडु सरकार ने भी एक्शन लिया है। श्रीपेरम्बदूर में स्थित इस प्लांट में तमिलनाडु के श्रम विभाग के बड़े अधिकारियों ने जाँच की है। इस क्षेत्र के जोनल चीफ लेबर कमिश्नर ने एक पाँच सदस्यीय टीम के साथ प्लांट का जायजा लिया है और महिलाओं के साथ भी की है।

लेबर कमिश्नर ने यह जानकारी रायटर्स को दी है कि इस प्लांट में 41,281 लोग काम कर रहे हैं। इनमें से 33360 महिलाएँ हैं। इन महिलाओं में से 2750 विवाहित हैं। यह कुल महिलाओं का 8% है। प्रथम दृष्टया श्रम विभाग के अधिकारियों को इस प्लांट में कोई भी गड़बड़ी नहीं मिली है। उन्होंने इसे दोषमुक्त करार दिया है। ऐसे में Foxconn को क्लीनचिट मिली है।

जहाँ Foxconn विवाहित महिलाओं को काम देती है और उनके साथ भेदभाव नहीं करती तो वहीं भारतीय कानून उसे ऐसा करने से रोकता भी नहीं। भारत में निजी फर्म अपने काम की जरूरतों के अनुसार, विवाहित महिलाओं को भर्ती में शामिल होने से मना कर सकती हैं। हालाँकि, Foxconn ऐसा नहीं कर रही।

इस मामले में SPJ एडवोकेट्स में श्रम कानूनों की वकील सुनीता शर्मा ने ऑपइंडिया को बताया कि भारतीय श्रम कानून विवाह के आधार पर भर्ती करने को लेकर विशेष नियम नहीं बताता। ऐसे में कोई कम्पनी यदि चाहे तो विवाहित महिलाओं को अपनीं भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर सकती है। हालाँकि, अधिकांश कम्पनियाँ ऐसा नहीं करती।

भारत में बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग, चीन की चिंता का सबब

भारत में मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में बीते कुछ वर्षों में हुई बढ़ोतरी चीन के लिए चिंता का सबब बन रही है। Foxconn का भारत में बढ़ता निवेश चीन को खटक रहा है। भारत ने 2023-24 में 12.1 बिलियन डॉलर (लगबग ₹1 लाख करोड़) के एप्पल के फोन निर्यात किए हैं, यह 2022-23 के मुकाबले दोगुने थे। इनमें से अधिकांश इसी श्रीपेरम्बदूर के प्लांट में बने हुए हैं। Foxconn यहाँ 2019 से ही iPHONE बना रही है। वर्तमान में दुनिया भर उपयोग होने वाले 14% iPHONE भारत में बन रहे हैं और हर साल में इसमें बढ़ोतरी हो रही है।

वर्तमान में चीन iPHONE समेत एप्पल के सभी उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक है। चीन में अब तक 90% से अधिक iPHONE बनते थे। लेकिन भारत में निर्माण चालू होने के बाद धीमे धीमे चीन का हिस्सा घटने लगा है। एप्पल चाहता है कि उसके कुल iPHONE का 25% उत्पादन 2027 तक भारत में हो। ऐसे में इससे चीन को बड़ा झटका लगेगा। चीन को इससे निर्यात और रोजगार, दोनों का नुकसान होगा। वहीं भारत को अपना निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी।

चीन के सोशल मीडिया में भी अब भारत के आगे बढ़ने को लेकर चिंताएँ जताई जा रही हैं। Foxconn भारत में लगभग ₹60,000 करोड़ अगले कुछ वर्षों में निवेश करने वाली है। यह ताईवान की कम्पनी है और बीते दिनों में भारत और ताइवान के संबंध भी सुदृढ़ हुए हैं। ताइवान भारत को अन्य कई तकनीकों में भी मदद कर रहा है। ताइवान को चीन अपना हिस्सा करार देता है , ऐसे में उसके लिए भारत और ताइवान के संबंध सुदृढ़ होना चिंता की बात है।

रायटर्स की रिपोर्ट का चीनी कर रहे प्रसार

Foxconn को निशाने पर लेकर की गई रायटर्स की रिपोर्ट को चीन के सरकारी समाचार वेबसाइट और चीन समर्थक बढ़ा चढ़ा कर भी दिखा रहे हैं। चीन का सरकार नियंत्रित SCMP अखबार भी इस रिपोर्ट को आगे बढ़ा रहा है। रायटर्स की रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर भी जगह मिल रही है। इस रिपोर्ट का उद्देश्य महिला अधिकारों को उठाना कम और भारत की छवि को धूमिल करना अधिक लगता है। ऐसे में आगे यह मामला और उठता दिख सकता है। रायटर्स इससे पहले चीन के ऊपर ऐसी रिपोर्ट भी नहीं करता देखा गया है।

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