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‘अफगानिस्तान में पहले सिखों को बचाओ’: ट्रूडो के खालिस्तान प्रेमी मंत्री ने कनाडा के ही लोगों को किया अनदेखा फिर भी नहीं हुए कामयाब, भारत ने किया था रेस्क्यू

सैन्य सूत्रों ने बताया कि शुरू में उनसे ये बात इसी रूप में कही गई कि अगर विशेष बल के लोग कनाडा में सिखों में ऐसा कर सकते हैं तो अच्छा है वरना बाकी कोशिशें (संभवत: कनाडाइयों को बचाने की बात) नहीं रुकनी चाहिए। हालाँकि बाद में प्राथमिकता ही बता दी गई कि किसे बचाना है।

अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आने के बाद जब हर देश अपने-अपने नागरिकों को वहाँ से निकालने में लगे हुए थे, उस समय कनाडा के (पूर्व) रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन (जिनके संबंध खालिस्तान समर्थक संगठन वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन हैं) अलग खेल खेलने में लगे थे। उन्होंने 225 अफगान सिखों को निकालने के चक्कर में कनाडा के नागरिकों की ही अनदेखी कर दी थी। बाद में पता चला कि उन 225 सिख नागरिकों को भी भारत द्वारा रेस्क्यू किया गया था।

ये जानकारी ग्लोब एंड मेल मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2021 में कैसे अफगानिस्तान में रह रहे कनाडाई नागरिकों से उनके निकास के संसाधन छीने गए। सज्जन के हस्तक्षेप के बाद कनाडाई मिलिट्री को उन लोगों को प्राथमिकता देनी पड़ी जिनका लेना-देना भी कनाडा से नहीं था।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि शुरू में उनसे ये बात इसी रूप में कही गई कि अगर विशेष बल के लोग कनाडा में सिखों को बचा सकते हैं तो अच्छा है वरना बाकी कोशिशें (संभवत: कनाडाइयों को बचाने की बात) नहीं रुकनी चाहिए। हालाँकि बाद में प्राथमिकता ही बता दी गई कि किसे बचाना है। सज्जन ने अफगान सिखों की लोकेशन और अन्य जानकारियाँ भी मिलिट्री के साथ शेयर की थी ताकि सुरक्षाबल जाकर उन्हें बचाएँ।

सूत्रों के मुताबिक, इन अलग-अलग निर्देशों के कारण जब काबुल में कनाडाइयों के रेस्क्यू में लेट होने लगा तो फिर टॉप लीडरशिप नाराज हो गई। पूछा गया कि पूरे 24 घंटे सिर्फ अफगान सिखों में लगा दिए गए… तब सज्जन अपनी बात से पलट गए और कहा कि उन्होंने ऐसी कोई बात ही नहीं कही है कि कनाडाइयों से पहले अफगान सिखों को बचाना है।

इधर, कनाडाई विशेष बलों का ऑपरेशन भी फेल हो गया क्योंकि जब तक कनाडा का सुरक्षा बल अफगान सिखों को लेने पहुँचा तब तक वो भय के कारण उस जगह को छोड़ चुके थे जहाँ से लेकर उन्हें हवाई अड्डे तक जाना था। जानकारी के मुताबिक अफगान सिखों को बचाने के नाम पर कनाडा मंत्री द्वारा जितना हल्ला किया गया, उसका असर हकीकत में दिखा नहीं। बाद में वही सिख भारत की मोदी सरकार द्वारा बचाए गए थे। उन्हें बचाकर उसी भारत लाया गया जिसकी फ्लाइटें वे कनाडा जाने की चाह में छोड़ रहे थे।

आज जब हरजीत सिंह सज्जन को लेकर ये जानकारी मीडिया में आ चुकी है और कनाडा सरकार से उनके मंत्री को लेकर सवाल किए जा रहे हैं उस समय सज्जन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खुद के सिख होने का कार्ड खेला।

सज्जन ने कहा है कि ये सवाल उनसे इसलिए हो रहे हैं क्योंकि उन्होंने पगड़ी पहनी है, अगर ये नहीं होती तो नहीं पूछा जाता कि निर्देश सही थे या गलत। वहीं एनडीपी नेता जगमीत सिंह ने इस संबंध में कहा कि वो पूर्व रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन के एक्शन की निंदा नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें नहीं पता उस समय क्या हुआ था क्या नहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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