इस्लामाबाद में जिस होटल में शांति वार्ता की बैठक रखी गई थी, उस होटल का बिल पाकिस्तान की शहबाज सरकार नहीं चुका पाई है। यह खबर फैली तो सरकार की हर जगह थू-थू होने लगी।
अस्थाई सीजफायर होते ही ईरान को विश्वगुरु साबित करने में जुट गईं। क्यों? क्योंकि तुम्हारा सहोदर पाकिस्तान वहाँ दलाली करने लगा था। बात अब उम्माह की हो गई है ना?