अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर बनाई गई 'गाजा पीस बोर्ड' की पहली बैठक हुई। इस बैठक में भारत ने पर्यवेशक (Observer) के रूप में हिस्सा लिया।
प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने खुफिया तंत्र को महत्व नहीं दिया, जिसका खामियाजा भारत को 1962 में उठाना पड़ा। इंदिरा गाँधी ने सीआईए को अंदरुनी राजनीति में दखल देने का मौका दिया।