Friday, May 14, 2021

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Rajeev Gandhi

राजीव गाँधी जन्मदिन विशेष: घोटाले, नरसंहार, भ्रष्टाचार और सेना की चीज पर मौज-मस्ती… लंबी है लिस्ट

राजीव गाँधी का राजनीतिक जीवन कई प्रकार से दागदार रहा। इसमें बोफोर्स घोटाला और भोपाल गैस त्रासदी से लेकर कश्मीरी पंडितों का पलायन है।

क्या कारसेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस में नरसिम्हा राव की मिलीभगत थी? उनके निजी डॉक्टर ने बताया- क्या है सच

"ऐसी खबरें हैं कि बड़ी संख्या में कारसेवक अयोध्या पहुँच रहे हैं, लेकिन वे शांतिपूर्ण हैं। मेरी राय में, इस समय यूपी सरकार की बर्खास्तगी या राज्य विधानसभा को भंग करने या राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने जैसे कठोर कदम उठाने का समय नहीं है।"

गाँधी परिवार का दिल्ली में 2 एकड़ जमीन पर कब्जा (बिना पैसे का): 45 साल में 4 कॉन्ग्रेसी सरकारों ने ऐसे किया खेल

जितनी बार कॉन्ग्रेस सत्ता में आई, हर बार सुविधानुसार नियमों में ऐसे बदलाव किए, जिनके माध्यम से वो 2 एकड़ ज़मीन पार्टी मुख्यालय के बजाय...

राजीव गाँधी फाउंडेशन का काला चिट्ठा: Huwei कनेक्शन, कतर और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने वाले जॉर्ज सोरोस से संबंध

कॉन्ग्रेस का यहूदी अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस के साथ भी काफी नजदीकी संबंध रहा है। यह वही है जो आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए...

मोतीलाल नेहरू ने अपने पास बिठाकर लिखवाई थी तुलसीदास से रामचरितमानस, दिग्विजय सिंह की जानकारी अधूरी!

इस अप्रकाशित पुस्तक में यह भी खुलासा किया गया है कि जामवंत ने हनुमान को नहीं बल्कि जवाहरलाल नेहरू को उनका बल याद दिलाया था, इसके बाद ही वो स्वतंत्रता संग्राम में कूदे थे। साथ ही बताया गया था कि रावण ने मारीच नहीं बल्कि दिग्विजय सिंह को स्वर्ण मृग बनाकर सीता माता के पास भेजा था।

‘राजीव गाँधी से तत्काल वापस लिए जाएँ भारत रत्न, 1984 में सेना बुलाई होती तो न होतीं हजारों सिखों की हत्याएँ’

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का बयान भी इस आरोप की पुष्टि करता है कि अगर राजीव गाँधी ने कॉन्ग्रेस नेताओं के नेतृत्व में किए जा रहे दंगे को रोकने के लिए सेना को बुलाने की अपील पर ध्यान दिया होता तो 1984 के सिख नरसंहार को रोका जा सकता था।

राजीव ने ‘शाही छुट्टियों’ के लिए तो नेहरू ने लेडी माउंटबेटन के ‘सम्मान’ में किया था नेवी वॉरशिप का निजी उपयोग

निजी कारणों के लिए नौसेना की संपत्ति का उपयोग करने की परंपरा राजीव गाँधी द्वारा शुरू नहीं की गई थी। जवाहरलाल नेहरू ने इस पुश्तैनी परंपरा की शुरुआत की थी वो भी "आदमखोर" महिला मित्र एडविना माउंटबेटन के लिए।

जब राजीव गाँधी ने निजी मनोरंजन के लिए युद्धपोत ‘विराट’ का किया इस्तेमाल, साथ में थे ससुराल के लोग

मेहमानों की सूची में राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गाँधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, उनकी विधवा माँ आर. मैनो, उनके भाई और एक मामा शामिल थे। साथ ही पूर्व सांसद अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया और उनके तीन बच्चे भी मौजूद थे।

Fact Check: राजीव गाँधी के बेटे नहीं हैं राहुल गाँधी? झूठा है अमेरिकी ‘DNA विशेषज्ञ’ का दावा

अखबार की इस कटिंग में अमेरिकी DNA विशेषज्ञ मार्टिन सिजो के हवाले से इस खबर में दावा किया गया है कि मार्टिन सिजो के पास राजीव गाँधी और राहुल गाँधी के DNA हैं, जो अलग-अलग हैं। साथ ही, खबर में दावा किया जा रहा है कि डीएनए विशेषज्ञ मार्टिन सिजो, भारत आकर इस बात के सुबूत देने के लिए तैयार हैं।

राजीव गाँधी को ‘भ्रष्टाचारी’ कहने के मामले में मोदी के खिलाफ SC पहुँची कॉन्ग्रेस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी के बाद कॉन्ग्रेस के साथ ही अन्य पार्टियों ने भी इसका कड़ा विरोध किया था। वहीं सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। लोगों का कहना था कि किसी के मृत्यु से उसके अपराध नहीं ख़त्म हो जाते।

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