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आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

कॉकरोच जनता पार्टी: मीम्स की आड़ में छिपा ‘रेजीम चेंज’ का इंटरनेशनल ब्लूप्रिंट?

Rhino Party से शुरू हुआ और 'कॉकरोच' तक पहुँचा... राजनीति अब मीम्स के भरोसे है? मई 2026 में अचानक उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे छिपे उन 3 सीक्रेट फॉर्मूलों को समझिए जो किसी भी सरकार को घुटनों पर लाने का दावा करते हैं। क्या स्र्द्जा पोपोविच की 'रेजिम चेंज' हैंडबुक भारत में अपनाई जा रही है?

हर पीढ़ी अपने पिता के खिलाफ विद्रोह करती है: तुर्गनेव का उपन्यास और भारतीय परिवारों का बदलता चेहरा

इवान तुर्गनेव का 'फादर्स एंड सन्स' उपन्यास केवल एक रूसी उपन्यास ना होकर पीढ़ियों के बीच चलने वाले शाश्वत संघर्ष का दस्तावेज़ है। बाज़ारोव का विद्रोह, निकोलई का प्रेम और पावेल का प्रतिरोध आज भी भारतीय परिवारों, विचारधाराओं और बदलते समाज में जीवित दिखाई देता है।

38 की उम्र में भी समय से आगे चल रहा है एक आदमी, जिसका नाम है- लियोनेल मेसी: FIFA World Cup 2026

मेसी की इस ऐतिहासिक रात की पूरी कहानी और जानिए, कैसे उनके हर गोल ने फुटबॉल प्रेमियों को एक बार फिर उनकी अमरता का साक्षी बना दिया।

एल्गोरिदम के बँधुआ मजदूर… ‘अटेंशन इकॉनमी’ का डिजिटल सर्वहारा

जब मृत शरीर भी वायरल कंटेंट बन जाए, तब सवाल केवल संवेदनशीलता का नहीं बल्कि पूरे डिजिटल कल्चर के पतन का होता है।

FIFA 2026: समय के खिलाफ आखिरी मुकाबला, जब दुनिया एक गेंद के पीछे चल पड़ती है

FIFA World Cup सिर्फ टूर्नामेंट नहीं, यादों का उत्सव है। मेसी-रोनाल्डो की विरासत, नई पीढ़ी का उदय और फुटबॉल के सबसे बड़े मंच की पूरी कहानी।

दिल्ली जिमखाना क्लब और CIA के जासूस: राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध की इनसाइड स्टोरी

देश की राजधानी दिल्ली के केंद्र में स्थित एलीट क्लास का दिल्ली जिमखाना क्लब दशकों तक विदेशी जासूसों का खेल का मैदान बना रहा है।

जोसेफ डिसूजा फाइल्स: ₹296 करोड़ के फंड डायवर्जन, वैश्विक नेटवर्क और भारत विरोधी नैरेटिव की पड़ताल

जोसेफ डिसूजा के अतीत, पारिवारिक फ्रॉड, वित्तीय घोटाले, ED-CID की जाँच, राजनीतिक साठगाँठ और उनकी भारत विरोधी टूलकिट को बेनकाब करने वाली रिपोर्ट...

भारत के खिलाफ ‘हाइब्रिड वॉर’, विकास, संप्रभुता और वैश्विक नैरेटिव का खेल: समझें कैसे ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को बनाया जा रहा नया बैटलग्राउंड

आज के युग में लड़ाइयाँ सिर्फ मैदान पर नहीं बल्कि स्मार्टफोन, मीडिया और NGO दफ्तरों से लड़ी जा रही हैं। इसे हाइब्रिड वॉरफेयर कहा जाता है।