326 कुल लेख

आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

लाहौर में 79 साल बाद खुला ऐतिहासिक गुरुद्वारा, दिखावे के बीच पाकिस्तान में जमीनी हकीकत जस की तस: समझें ये विरासत संरक्षण के नाम...

पाकिस्तान के सरकारी और नेताओं के ऑफिसों में भगत सिंह की कितनी तस्वीरें हैं? पाकिस्तानी मदरसों और स्कूली सिलेबस से भगत सिंह क्यों गायब हैं?

ग्लोबल टाइम्स के ‘टैप वॉटर’ से आगे की कहानी: भारत-जापान कैसे बदल रहे हैं एशिया का भविष्य

चीनी मीडिया ने प्रोपेगैंडा फैलाते हुए कहा कि जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारत दौरे पर 'नल का पानी' (टैप वॉटर) न पीकर भारत का अपमान किया।

कॉकरोच जनता पार्टी: मीम्स की आड़ में छिपा ‘रेजीम चेंज’ का इंटरनेशनल ब्लूप्रिंट?

Rhino Party से शुरू हुआ और 'कॉकरोच' तक पहुँचा... राजनीति अब मीम्स के भरोसे है? मई 2026 में अचानक उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे छिपे उन 3 सीक्रेट फॉर्मूलों को समझिए जो किसी भी सरकार को घुटनों पर लाने का दावा करते हैं। क्या स्र्द्जा पोपोविच की 'रेजिम चेंज' हैंडबुक भारत में अपनाई जा रही है?

हर पीढ़ी अपने पिता के खिलाफ विद्रोह करती है: तुर्गनेव का उपन्यास और भारतीय परिवारों का बदलता चेहरा

इवान तुर्गनेव का 'फादर्स एंड सन्स' उपन्यास केवल एक रूसी उपन्यास ना होकर पीढ़ियों के बीच चलने वाले शाश्वत संघर्ष का दस्तावेज़ है। बाज़ारोव का विद्रोह, निकोलई का प्रेम और पावेल का प्रतिरोध आज भी भारतीय परिवारों, विचारधाराओं और बदलते समाज में जीवित दिखाई देता है।

38 की उम्र में भी समय से आगे चल रहा है एक आदमी, जिसका नाम है- लियोनेल मेसी: FIFA World Cup 2026

मेसी की इस ऐतिहासिक रात की पूरी कहानी और जानिए, कैसे उनके हर गोल ने फुटबॉल प्रेमियों को एक बार फिर उनकी अमरता का साक्षी बना दिया।