Wednesday, October 21, 2020

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vampanth

देशद्रोहियों और दंगाइयों की हिंसा के बीच पिसता कौन है? गरीब छात्र जो किसी पार्टी के नहीं

इन घटनाओं में एक वर्ग तो वह होता है जो सुनियोजित ढंग से शामिल होता है और एक वर्ग वह होता है जो कि जाने-अनजाने में घटनाओं में शामिल तो हो जाता है लेकिन इसके बाद कानूनी कार्यवाई में फँसने के बाद वह अपने आप को निर्दोष बताते हुए पहले तो दर-दर की ठोकरें खाता है और फ़िर अपनी ही आँखों से अपने भविष्य को चौपट होते हुए भी देखता है।

वामपंथी फट्टू तो होते थे, लेकिन JNU वालों ने कल रात नई मिसाल पेश की है

JNU में तो दो बार से सारे वामपंथियों के नितम्ब चिपक कर एक होने के बाद ही चुनाव जीते जा रहे हैं, इस साल कितने चिपकेंगे ये देखने की बात है। घर में कॉफी पीने वाला लेनिनवंशी पब्लिक में लाल चाय पीने लगता है और छत पर मार्लबोरो फूँकता माओनंदन कॉलेज के स्टाफ क्लब में बीड़ी पीता दिखता है।

ताज़ा ख़बरें

राहुल गाँधी ने किया जातीय हिंसा भड़काने के आरोपित PFI सदस्य सिद्दीक कप्पन की मदद का वादा, परिवार से की मुलाकात

PFI सदस्य और कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन के परिवार ने इस मुलाकात में राहुल गाँधी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की माँग कर कप्पन की जल्द रिहाई की गुहार लगाई।

पेरिस: ‘घटिया अरब’ कहकर 2 बुर्के वाली मुस्लिम महिलाओं पर चाकू से हमला, कुत्ते को लेकर हुआ था विवाद

पेरिस में एफिल टॉवर के नीचे दो मुस्लिम महिलाओं को कई बार चाकू मारकर घायल कर दिया गया। इस दौरान 'घटिया अरब' कहकर उन्‍हें गाली भी दी गई।

शीना बोरा की गुमशुदगी के बारे में जानते थे परमबीर सिंह, फिर भी नहीं हुई थी FIR

शीना बोरा जब गायब हुई तो राहुल मुखर्जी और इंद्राणी, परमबीर सिंह के पास गए। वह उस समय कोंकण रेंज के आईजी हुआ करते थे।

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: गया के केनार चट्टी गाँव के कारीगर, जो अब बन चुके हैं मजदूर। Bihar Elections Ground Report: Wazirganj, Gaya

मैं आज गया जिले के केनार चट्टी गाँव गया। जो पहले बर्तन उद्योग के लिए जाना जाता था, अब वो मजदूरों का गाँव बन चुका है।

रवीश की TRP पर बकैती, कश्मीरी नेताओं का पक्ष लेना: अजीत भारती का वीडियो| Ajeet Bharti on Ravish’s TRP, Kashmir leaders

TRP पर ज्ञान देते हुए रवीश ने बहुत ही गूढ़ बातें कहीं। उन्होंने दर्शकों को सख्त बनने के लिए कहा। TRP पर रवीश ने पूछा कि मीटर दलित-मुस्लिम के घर हैं कि नहीं?

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मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

हिन्दुओं की हत्या पर मौन रहने वाले हिन्दू ‘फ़्रांस की जनता’ होना कब सीखेंगे?

हमें वे तस्वीरें देखनी चाहिए जो फ्रांस की घटना के पश्चात विभिन्न शहरों में दिखती हैं। सैकड़ों की सँख्या में फ्रांसीसी नागरिक सड़कों पर उतरे यह कहते हुए - "हम भयभीत नहीं हैं।"

सूरजभान सिंह: वो बाहुबली, जिसके जुर्म की तपिश से सिहर उठा था बिहार, परिवार हो गया खाक, शर्म से पिता और भाई ने की...

कामदेव सिंह का परिवार को जब पता चला कि सूरजभान ने उनके किसी रिश्तेदार को जान से मारने की धमकी दी है तो सूरजभान को उसी के अंदाज में संदेश भिजवाया गया- “हमने हथियार चलाना बंद किया है, हथियार रखना नहीं। हमारी बंदूकों से अब भी लोहा ही निकलेगा।”

ऐसे मुस्लिमों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

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