जाँच से पता चला कि नोएडा हिंसा स्पॉन्टेनियस नहीं थी। मुख्य आरोपित अदित्य आनंद ने 5 साल से तैयारी कर रखी थी। श्रमिकों को भड़काने के लिए 17+ व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए गए।
अन्नलक्ष्मी ने बताया, "गाँव के हिन्दू तिरुमंगलम तालुक के आईसीडीएस कार्यालय गए थे जहाँ उन्होंने कहा कि उनके बच्चे एससी महिला द्वारा तैयार भोजन कभी नहीं खाएँगे।" आज हम जिस युग में रह रहे हैं, वहाँ इस प्रकार का भेदभावपूर्ण व्यवहार गले नहीं उतरता।